फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ''खूनचुसवा गैंग'' का गुर्गा गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। गुलरिहा पुलिस ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गरीब, मजदूर व असहाय लोगों को रुपये का लालच देकर खून निकालकर बेचने वाले गिरोह (खूनचुसवा गैंग) के एक गुर्गे को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान गाजीपुर के भुरकुडा मोलनापुर तालगांव निवासी अश्वनी कुमार मोहन के रूप में हुई है। यह गिरोह गरीबों को रुपये देने का लालच देकर फंसाता है और उनके खून को निजी अस्पतालों में देने के लिए मोटी रकम में सौदा करता है।
विज्ञापन

थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि आरोपी गैंग लीडर कम्हरिया खुर्द, थाना फरेंदा, जिला महराजगंज निवासी केशव देव, तिवारीपुर के जाफरा बाजार बिंद टोला निवासी वसील खान, गोरखनाथ के पचपेड़वा निबियहवा निवासी मोहम्मद रफीउद्दीन, देवरिया के बोडिया सुल्तान निवासी रजनीश यादव, बिहार के पउआखाली निवासी सिबातुल्लाह उर्फ अब्दुल और गुलरिहा के मुगलहा निवासी रामअशीष के साथ मिलकर अवैध रूप से लोगों का खून निकालकर बेचने का काम करता था।
मामले में पहले थाना गुलरिहा में वर्ष 2023 में धोखाधड़ी, जीवन संकट में डालने, हत्या के प्रयास और मानव अंग एवं उत्तक प्रत्यारोपण अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। जांच के दौरान गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। इस मामले में गैंग लीडर समेत छह आरोपियों को नामजद किया गया है।
विज्ञापन

पुलिस ने वांछित चल रहे अश्वनी कुमार मोहन को बृहस्पतिवार देर रात मेडिकल कॉलेज परिसर से गिरफ्तार कर लिया। वह वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के कमरा नंबर 109 में रहता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है।



अगस्त 2023 में धंधेबाजों ने बेचा था 18 हजार में खून
यह पूरा मामला अगस्त 2023 में सामने आया था। महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के कमता बुजुर्ग निवासी गोरख चौहान गोरखनाथ पुल के नीचे रहकर मजदूरी करता था। बारिश के कारण लगातार कई दिनों तक काम न मिलने से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी दौरान गोरखनाथ चौक पर कथित गैंग का सरगना वासिल खान उससे मिला और आठ हजार रुपये देने का लालच देकर एक यूनिट ब्लड देने की बात कही। पैसों की जरूरत के चलते मजदूर तैयार हो गया। आरोप है कि वासिल खान उसे बिना नंबर की बाइक से मोगलहा ले गया और गैंग के सदस्य केशव देव के हवाले कर दिया। उसी शाम मजदूर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां ब्लड बैंक से जुड़े लोगों की मदद से उसका खून निकलवाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह ब्लड पिपराइच क्षेत्र के एक मरीज को चढ़ाया गया और मरीज पक्ष से करीब 18 हजार रुपये वसूले गए, जबकि मजदूर को मात्र 1100 रुपये देकर भगा दिया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें