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Gorakhpur News: मोबाइल पर कोड वर्ड में करते थे बात, बिना नंबर प्लेट वाले पिकअप से करते थे तस्करी

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- सरगना संजय के गैंग में हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर शामिल, पुलिस को देखते ही करते थे हमला
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- ऑटो चालक की हत्या के मामले में जमानत पर छूटने के बाद गैंग बनाकर तस्करी करने लगा
- तस्करी के साथ चोरी और लूट की वारदातों को भी अंजाम देते थे, गैंग को रजिस्टर्ड कराने की तैयारी
गोरखपुर। बेलीपार में ऑटो चालक की हत्या के मामले में जमानत पर छूटने के बाद, बेलीपार के कसिहार निवासी सरगना संजय ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के साथ आठ गुर्गों का गैंग बना लिया। गैंग के सदस्य मोबाइल पर कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे और बिना नंबर प्लेट वाले पिकअप से पशु तस्करी करते थे।
पुलिस ने बताया कि गैंग के गुर्गे तस्करी के अलावा चोरी और लूट की वारदातों को भी अंजाम देते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संजय और उसके साथी पुलिस को देखते ही हमला कर भाग जाते थे। अब पुलिस गैंग को रजिस्टर्ड कराने की तैयारी कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
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चौरीचौरा में हुई घटना में संजय के गैंग के छह बदमाश सामने आए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से अधिकांश का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। खलीलाबाद (संतकबीरनगर) निवासी गुड्डू पर 2023 में मारपीट और धमकी देने की प्राथमिकी दर्ज है। वहीं, गगहा थाना क्षेत्र के देउरवीर निवासी मंदनी पर बांसगांव थाने में दो रिपोर्ट दर्ज हैं। गगहा के ही देउरवीर निवासी अजय उर्फ मंगरू पर गंभीर धाराओं में चार प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें 2023 में खजनी में हत्या और लूट तथा 2024 में कैंट और बांसगांव में लूट शामिल हैं। इसके अलावा बांसगांव थाना क्षेत्र के जरलही निवासी राजन पर 2022 में चोरी और गैंगस्टर एक्ट के तहत तीन प्राथमिकी दर्ज हैं। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि इन छह तस्करों का गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड है, जिससे गैंग की हिंसक प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।

संजय की भूमिका और गैंग की गतिविधियां
पुलिस के अुनसार, संजय की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। 2024 में बेलीपार में उसने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। गैंग मोबाइल पर कोड वर्ड का इस्तेमाल करता और बिना नंबर प्लेट वाले पिकअप से पशु उठाता था, जिससे स्थानीय जांच टीमों के लिए पहचान करना कठिन होता था। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि गैंग न केवल तस्करी बल्कि चोरी, लूट और हिंसक वारदातों में भी सक्रिय था। गैंग के कई सदस्य हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर थे। संजय पर हत्या, लूट, चोरी और पशु तस्करी समेत आठ प्राथमिकी दर्ज हैं।
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संजय पर 25 हजार रुपये का इनाम था। चौरीचौरा और बेलीपार में सक्रिय गैंग को दबोचने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई। अब तक गैंग के तीन गुर्गे जेल भेजे जा चुके हैं और तीन अन्य हिरासत में हैं। तस्करों से पूछताछ जारी है।
- ज्ञानेंद्र कुमार, एसपी नार्थ
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