गोरखपुर। रंगों के पर्व होली पर्व पर इस बार गोरक्षनगरी के बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। इस बार करीब 2100 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। त्योहार को लेकर एक महीने पहले से ही बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी थी, जो होली के एक दिन पहले तक बनी रही। कपड़ा, रंग-गुलाल, पिचकारी के साथ ही खाने-पीने के सामानों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही थी।
होली के अवसर पर लोगों ने नए कपड़ों की जमकर खरीदारी की। इसके साथ ही रंग, गुलाल और विभिन्न प्रकार की पिचकारियों की बिक्री भी खूब हुई। बच्चों और युवाओं में आधुनिक टैंक, गन और कार्टून डिजाइन वाली पिचकारियों की विशेष मांग रही। बाजारों में 100 से लेकर 1500 रुपये तक की पिचकारियां बिकती नजर आईं।
व्यापारी पवन सिंहानिया ने बताया कि त्योहार के कारण खान-पान से जुड़ी दुकानों पर भी अच्छी बिक्री हुई। मटन, पनीर, मशरूम, सब्जियां और मसालों की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। इसके अलावा मिठाई की दुकानों पर गुजिया, नमकीन, काजू कतली, रसगुल्ला और अन्य मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई। कई दुकानों पर ग्राहकों को कतार में लगकर सामान खरीदना पड़ा। होली के दिन सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में चहल-पहल बनी रही। दोपहर बाद भी कई बाजारों में दुकानें खुली रहीं और लोग जरूरी सामानों की खरीदारी करने पहुंचे। किराना और डेयरी उत्पादों की दुकानों पर भी अच्छी बिक्री दर्ज की गई।
गोरखपुर किराना कमेटी के अध्यक्ष गोपाल जायसवाल ने बताया कि इस बार मौसम अनुकूल रहने और त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह के कारण बाजारों में अच्छी रौनक रही। त्योहार ने कपड़ा, मिठाई, खाद्य सामग्री और रंग-गुलाल के कारोबार को विशेष रूप से बढ़ावा दिया। कुल मिलाकर होली का यह पर्व बाजारों के लिए काफी लाभदायक साबित हुआ और कुल 2100 करोड़ का कारोबार उम्मीद से बेहतर रहा।