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गोरखपुर में बाढ़ जैसे हालात नहीं, सभी तटबंध भी सुरक्षितः जलमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह

Fri, 17 Jul 2020 11:14 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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यूपी के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से राप्ती नदी का हवाई सर्वेक्षण किया। राजघाट से होकर अलग-अलग हिस्सों मेें गए, फिर कहा कि बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। राप्ती नदी का जलस्तर भलेेे ही खतरे के निशान के ऊपर है, लेकिन तटबंध सुरक्षित हैं। किसी भी तटबंध पर अतिरिक्त दबाव नहीं है। इस बार बाढ़ तबाही नहीं मचाने पाएगी। पूरी सतर्कता बरती जा रही है। गोरखपुर या फिर आसपास के जिलों में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं।

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जलशक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, देवरिया महराजगंज और सिद्धार्थनगर में बाढ़ की चुनौती से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। गोरखपुर के सर्किट हाउस में सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी एक-एक तटबंधों के बारे में जानकारी ली।

 साथ ही कहा कि बाढ़ की चुनौती से निपटने वाले किसी भी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जो तटबंध संवेदनशील या फिर अति संवेदनशील हैं, वहां 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित कराई जाए। बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारी हमेशा अलर्ट रहें। किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
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जलशक्ति मंत्री ने सिंचाई विभाग के साथ ही समन्वय के साथ काम करने वाले अधिकारियों की तारीफ की। साथ ही कहा कि यह पहला मौका है, जब भारी बारिश के बाद भी तटबंध नहीं टूटे हैं। जब भाजपा सरकार नहीं थी, तो यही तटबंध पानी का हल्का दबाव भी नहीं झेल पाते थे। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव टी वेंकटेश, कमिश्नर जयंत नार्लिकर, जिलाधिकारी के विजयेंद्र पाण्डियन, प्रमुख अभियंता परिकल्प एके सिंह मौजूद रहे।

यह हमारी परीक्षा का समय, आमजन के जान-माल की सुरक्षा का दायित्वजलशक्ति मंत्री ने कहा कि यह हमारी परीक्षा का समय है। आम जन की जान, माल की रक्षा करके ही परीक्षा में पास हो सकते हैं। सभी अधिकारी लगातार बंधों का निरीक्षण करते रहें।

कमिश्नर से कहा कि वे कुशीनगर के अहरौलीदान व देवरिया के जद्दू परसिया पर कराए जा रहे कार्यों की भी निगरानी करते रहें। बाढ़ से बचाव से संबंधित सभी अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी करते रहें। इस वक्त सभी अधिकारियों की छुट्टी निरस्त है। किसी को छुट्टी पर नहीं जाना है। कंट्रोल रूम बनाएं, नंबर का प्रचार करें जलशक्ति मंत्री नेबाढ़ नियंत्रण के लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कंट्रोल रूम के नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। 

साथ ही कहा सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम करें। आम जनता के बीच सिंचाई विभाग के कार्यों से विश्वास दिलाएं।  बताएं कि विभाग हर चुनौती से निपटने में सक्षम है। सब बाढ़ से सुरक्षित हैं। गोताखोरों की सूची रखें।

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि अधिकारी गोताखोरों की सूची भी अपने पास रखें, ताकि जरूरत पर तत्काल उनकी मदद ली जा सके। ग्राम प्रधान के साथ ही सम्मानित लोगों की सूची रखी जाए। समय समय पर गांव के लोगों से बात कर स्थिति की जानकारी ली जाए। किसी भी समस्या की सूचना मिले तो उसका तत्काल समाधान करना है। किसी भी मामले को लटकाना नहीं है। नदियों के जलस्तर की जानकारी ली।

जलशक्ति मंत्री ने बाढ़ खंड के अधिकारियों से राप्ती, घाघरा, आमी, रोहिन सहित अन्य नदियों के जलस्तर की भी जानकारी ली। साथ ही नेपाल व अन्य जगहों से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की। कहा कि किसी भी स्थिति में कोई बंधा क्षतिग्रस्त न होने पाए। इसमें लापरवाही पाई गयी तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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राप्ती नदी का जलस्तर स्थिर

खतरे के निशान से ऊपर बह रही राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को स्थिर रहा। इससे आसपास के कुछ गांवों को राहत मिली है। हालांकि बहरामपुर सहित छह गांवों से जलनिकासी नहीं हो सकी। राप्ती नदी का पानी जस का तस है। इस कारण छह गांवों के लोग तटबंध पर आकर रह रहे हैं। घाघरा नदी का जलस्तर कम हुआ है।

हालांकि कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़ों के मुताबिक घाघरा नदी अयोध्या में सुबह 92. 220 मीटर तो शाम को 92.210 मीटर पर आ गई थी। राप्ती सबह 75. 420 मीटर तो शाम को भी इतने पर स्थिर रही। कुआनो नदी सुबह 89.450 मीटर तो शाम को 89.620 मीटर पर पहुंच गई। रोहिन नदी का जलस्तर सुबह 82.5670 मीटर तो शाम को 82.620 मीटर पर पहुंच गया।
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