गोरखपुर। बिजली की दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने आम जनता, विशेषकर गृहिणियों के मासिक बजट को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। इस फैसले को लेकर महिलाओं में काफी नाराजगी है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच बिजली के दाम में हुई इस अप्रत्याशित वृद्धि से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के सामने घर खर्च चलाने का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पहले ही बिजली का बिल सातवें आसमान पर था, ऊपर से सरकार ने दाम 10 प्रतिशत और बढ़ा दिए। इस बढ़ोतरी ने सीधे मेरी रसोई के बजट पर डाका डाला है। अब घर चलाने के लिए मुझे सब्जी, दूध और राशन के खर्च में कटौती करनी पड़ेगी। समझ नहीं आता कि हर महीने बढ़ती इस महंगाई के बीच हम जैसे आम परिवार आखिर अपना पेट काटकर कब तक गुजारा करेंगे।
नेहा श्रीवास्तव, ट्रांसपोर्ट नगर
मेरे पीजी में दूर-दराज के गांवों और छोटे शहरों से बच्चियां आकर पढ़ाई करती हैं। वे पहले से ही तंगहाली में रहकर कोचिंग और कॉलेज की फीस भर रही हैं। बिजली का बिल 10 फीसदी बढ़ने से मेरा मासिक खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा लेकिन मेरा दिल नहीं गवाही देता कि मैं उन बच्चियों से पीजी का किराया या बिजली का दाम बढ़ाने के लिए कहूं। सरकार को हमारे जैसे लोगों और इन पढ़ने वाली बच्चियों के बारे में जरूर सोचना चाहिए था।
रुचि गुप्ता, गोरखनाथ