गोरखपुर। शहर की सड़कों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी रोड कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा रहा है। जिले के दक्षिणांचल की सड़कें भी अब चौड़ी हो जाएंगी। वाहन फर्राटा भरेंगे और विकास के पथ पर दक्षिणांचल भी तेजी से आगे बढ़ेगा।
उरुवां, धुरियापार, शाहपुर, बेलघाट मार्ग का चौड़ीकरण कार्य जहां अंतिम दौर में है तो वहीं सिकरीगंज, बेलघाट, लोहरैया मार्ग का सुदृढ़ीकरण दो तिहाई से अधिक पूरा हो चुका है। इन मार्गों के कायाकल्प से लाखों की आबादी को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रांतीय खंड की ओर से करीब 18 किमी की लंबाई में उरुवां, धुरियापार, शाहपुर, बेलघाट मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। 57.68 करोड़ रुपये की लागत वाली इस सड़क परियोजना की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत है और जून माह के अंत तक शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस मार्ग को दक्षिणांचल की कनेक्टिविटी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड की ओर से ही आठ किमी लंबे सिकरीगंज, बेलघाट, लोहरैया मार्ग का भी 22.32 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। इस परियोजना में 80 प्रतिशत से अधिक निर्माण हो चुका है।
विभाग के एक्सईएन आरपी सिंह ने बताया कि जून माह तक काम पूरा करा लेने का लक्ष्य रखा गया है। इस मार्ग के चौड़े और मजबूत होने से भारी वाहनों का आवागमन सुगम होगा। बेलघाट क्षेत्र के लोगों को लोहरैया और सिकरीगंज की ओर जाने में सुगमता होगी।
इन मार्गों का हो रहा चौड़ीकरण
- 13 किमी लंबा गोरखपुर, खजनी, सिकरीगंज मुख्य मार्ग। लागत 60.58 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 94 प्रतिशत।
- 15 किमी लंबा महदेवा, दुधरा, सोपरा मार्ग। लागत 35.56 करोड़ रुपये, भौतिक प्रगति 81 प्रतिशत।