गोरखपुर। देवशयनी एकादशी 25 जुलाई शनिवार को मनाई जाएगी। देवशयनी एकादशी के दिन श्रद्धालु व्रत रहकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे। इस दिन से चार माह के लिए भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। इसके कारण चार माह तक शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि एकादशी के दिन अमृत नामक औदायिक योग भी बन रहा है, जो काफी फलदायी है। यह महत्वपूर्ण एकादशी है। इसी दिन से विवाह आदि मांगलिक कार्य स्थगित हो जाएंगे। पूरे चार मास तक भगवान विष्णु की आराधना काफी फलदायी होता है।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु क्षीर सागर में शयन करते हैं, योग निद्रा में रहते हैं। इस एकादशी को हरिशयनी या पद्मा एकादशी भी कहा जाता है। पुराणों की मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु चार महीने के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को योग निद्रा का त्याग करते हैं। इसके बाद 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी होगी। इस दिन से एक बार फिर मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।