गांव के मनबढ़ों पर चौकीदारों की नजर, देंगे रिपोर्ट
पडरौना। पटहेरवा थानाक्षेत्र के रगड़गंज बाजार में अगस्त में दो दोस्त प्रधानी चुनाव पर चर्चा के दौरान उलझ गए। मारपीट में दोनों लहुलुहान हो गए। घरवालों ने इनका इलाज कराया। सितंबर में विशुनपुरा थानाक्षेत्र में एक प्रेम-प्रसंग को लेकर पेशबंदी के चलते मामला गंभीर हो गया। पुलिस पर भी प्रकरण को दबाने का आरोप लगा। तीन दिन बाद किसी तरह से मामला शांत हुआ। साथ ही चौकीदारों केा गांव के मनबढ़ों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हें संबंधित थानेदारों को रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण इलाके में इस तरह के बढ़ते विवाद को देखते हुए एसपी ने अपराध नियंत्रण के लिए तीन फार्मूला तैयार किया है। थानेदार क्षेत्र में पुराने विवादों का रिकार्ड खंगाल रहे हैं। चौकीदार गांव के मनबढ़ों की गोपनीय सूचना थाने पर दे रहे हैं। कच्ची शराब पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई चल रही है। एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत का चुनाव सीधे लोगों के हित-लाभ से जुड़ा होता है। इसलिए हर व्यक्ति अपने-अपने तरीके से सक्रिय हो जाता है। लोग पुराने जमीन विवाद और अन्य व्यक्तिगत रंजिश को निपटाने लगते हैं। अससे कई बार खूनी पृष्ठभूमि बन जाती है। इस पर नियंत्रण के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। सबसे अहम भूमिका चौकीदारों की होगी। गांव में मौजूद चौकीदार हर कहानी की सचाई जानते हैं। इसलिए चौकीदारों से पंचायत चुनाव लड़ने के संभावित दावेदारों व विवाद की आशंका वाले मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर लोगों को पाबंद करने की कार्रवाई होगी। दूसरी प्रमुख कार्रवाई थानेदारों को सौंपी गई है। थानेदारों को ग्रामीण क्षेत्र में बड़े जमीन विवाद चिह्नित कर राजस्व टीम के साथ उसका निपटारा कराना है। ऐसे मामलों की 15 दिन में एक बार निगरानी जरूर करनी है। तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कार्य है अवैध शराब पर नियंत्रण। कच्ची शराब के साथ-साथ अंग्रेजी शराब की तस्करी पर नियंत्रण के लिए थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब पर नियंत्रण जब तक नहीं होगा, विवादों में कमी लाना आसान नहीं होगा।
तीन गुना बढ़ गई हैं शिकायतें
डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी बताते हैं कि पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही पंचायतों में भ्रष्टाचार के आरोप के मामले बढ़ गए हैं। हर दिन चार से पांच ग्राम पंचायतों के लोग कलेक्ट्रेट और विकास भवन में अपने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इसमें कुछ मामले सही होते हैं, लेकिन अधिकांश की पृष्ठिभूमि पंचायत चुनाव से संबंधित होती है। शिकायतकर्ताओं का नेतृत्व वही व्यक्ति कर रहा होता है जिसकी अगले चुनाव में उम्मीदवारी होनी है। शिकायतों के निस्तारण में पूरी सावधानी व गंभीरता बरती जा रही है। एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत सचिवों को भी निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता रखें। यथासंभव मौके का निरीक्षण करते रहें जिससे वास्तविक शिकायतों का मौके पर निस्तारण होता रहे।