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Gorakhpur News: थाईलैंड कनेक्शन से खुल रही तस्करी की परतें, गोरखपुर बना सोना और हवाला नेटवर्क का नया ठिकाना

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गोरखपुर। अब गोरखपुर सोना तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के एक नए ठिकाने के रूप में जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने थाईलैंड से जुड़े तस्करी गिरोह की जांच के दौरान गोरखपुर लिंक की पुष्टि की है। शनिवार को कौड़ीराम क्षेत्र के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, जो हाल ही में थाईलैंड से लौटा है। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर रात उसे छोड़ दिया गया।
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एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि थाईलैंड, म्यांमार और बांग्लादेश के रास्ते सोना तस्करी और हवाला लेन-देन का नेटवर्क भारत के पूर्वी हिस्से तक फैला हुआ है। इसमें गोरखपुर एक प्रमुख ठिकाने के रूप में उभरा है। जांच के दौरान एजेंसी को यह भी पता चला कि कुछ व्यक्ति, जो पहले थाईलैंड में आर्थिक या आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे, वे हाल ही में गोरखपुर लौटकर यहां छिपे हुए हैं।
शनिवार दोपहर कौड़ीराम-परसापार क्षेत्र में पकड़ा गया युवक इसी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। एजेंसी ने उसके पासपोर्ट, यात्रा इतिहास और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई संदिग्धों के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं। उन्होंने इन्हें विदेश यात्रा के लिए अलग-अलग पहचान से इस्तेमाल किया।
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एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों के बैंक खातों में विदेशी मुद्रा के लेन-देन और डिजिटल वॉलेट ट्रांसफर के रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। एजेंसी अब इन खातों और वॉलेट एड्रेस की निगरानी कर रही है। साथ ही पासपोर्ट कार्यालय और इमिग्रेशन विभाग से रिकॉर्ड क्रॉस-वेरिफाई किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर विदेश यात्राएं की गईं।
जांच की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने तकनीकी टीमों को लोकेशन ट्रेसिंग और सर्विलांस के लिए लगाया है। वहीं, स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट किया गया है ताकि संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि यह गिरोह के आर्थिक संचालन का भी केंद्र बनता जा रहा है। हर स्तर पर जांच तेज कर दी गई है। एसटीएफ का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल एजेंसी विदेशी खातों और संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की बारीकी से मनी ट्रेल जांच कर रही है।


तस्करी के शक में कौड़ीराम से एक युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था। जो हाल ही में थाइलैंड से लौटा है। प्राथमिक जांच में तस्करी से जुड़े साक्ष्य न मिलने पर युवक को छोड़ दिया गया।
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- सत्यप्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर एसटीएफ
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