बांसगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में 19 वर्षीय शिक्षिका की खुदकुशी के बाद बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों का कहना है कि वह अफसर बनना चाहती थी। पढ़ाई के साथ ही वह नौकरी कर परिवार को सहयोग करती थी। पिता का कहना है कि बेटी के हाथ पीले करने की हसरत अधूरी रह गई।
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका ने 13 दिसंबर को छेड़खानी से तंग आकर सल्फास खा लिया था। 14 दिसंबर को शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पतरौठा निवासी विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार को शिक्षिका के पिता ने बताया कि वह उनके तीन बच्चों में वह सबसे छोटी थी और पूरे परिवार की दुलारी थी। वह शुरू से पढ़ाई में तेज थी। क्लास में उसके बहुत अच्छे अंक आते थे। हाईस्कूल पास करने के बाद से ही वह छोटे बच्चों को पढ़ाने लगी थी।
परिजनों के अनुसार, जिस विद्यालय में वह पढ़ाती थी उसी विद्यालय में पढ़ने वाला विजय यादव उसको लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था। वह अक्सर कमेंट करता रहता था। हमेशा उसे कॉल कर परेशान करता था। उसकी इन हरकतों से वह तंग आ गई थी। वह कुछ दिनों से तनाव में थी। शनिवार को उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मंगाए गए सल्फास का सेवन कर लिया।
पिता ने बांसगांव थाने पहुंचकर ग्राम पतरैठा निवासी प्रधान रामकवल यादव के खिलाफ नामजद कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। बांसगांव थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लड़की और युवक के बीच चैट के साक्ष्य मिले हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।