स्पेशल ट्रेनों से राह आसान... मगर बिगड़ गई नियमित ट्रेनों की रफ्तार
त्योहारों के बाद गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और सूरत लौट रहे परदेसी
पूर्वोत्तर रेलवे में 80 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का हो रहा है संचालन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दिवाली और छठ पूजा में आने-जाने वाले परदेसियों को स्पेशल ट्रेनों ने काफी राहत दी है। प्रमुख ट्रेनों के क्लोन व अन्य स्पेशल ट्रेनों ने यात्रियों की भीड़ को कम करने में मदद की है, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में चली स्पेशल ट्रेनों के चलते पहले से चल रही नियमित ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हो गई है। अंतिम स्टेशन पर पहुंचते-पहुंचते कई प्रमुख गाड़ियां दो से तीन घंटे की देरी से पहुंच रही हैं।
शुक्रवार को बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस गोरखपुर स्टेशन पर करीब 40 मिनट देर से आई। इससे पहले सत्याग्रह एक्सप्रेस भी लगभग 20 मिनट की देरी से यहां पहुंची। दरअसल ये प्रमुख ट्रेनें इसी रूट पर चलने वाली क्लोन व स्पेशल ट्रेनों के चलते लेट हो रही हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से 80 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से लगभग 42 ट्रेनें गोरखपुर रूट से होकर गुजर रही हैं। सुबह से देर रात तक ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
असम से पंजाब को जोड़ने वाली अवध आसाम एक्सप्रेस 22 नवंबर को करीब पांच घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंची। हालांकि डिब्रूगढ़ से यह ट्रेन समय से चली थी, लेकिन रास्ते में स्पेशल ट्रेनों की वजह यह लेट हो गई। मुजफ्फरपुर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस 23 नवंबर को करीब पौने चार घंटे लेट हो गई। यह ट्रेन गोरखपुर स्टेशन पर करीब 40 मिनट की देरी से आई, लेकिन सुबह दिल्ली पहुंचते-पहुंचते देर हो गई। इसी तरह वैशाली एक्सप्रेस को भी 23 नवंबर को करीब तीन घंटा देर हो गई।
रेलवे का दावा : साढ़े तीन लाख से अधिक सीटें बढ़ाईं
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि संभावित भीड़ को देखते हुए इस बार रेलवे ने रिकार्ड अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं। नियमित व अतिरिक्त ट्रेनों में आने-जाने को मिलाकर करीब साढ़े तीन लाख सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। प्रयास यह है कि अधिक से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। स्टेशनों पर अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ वरिष्ठ अफसरों की भी ड्यूटी लगाई गई है।