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Gorakhpur News: दोपहर में तोड़ा था स्पीड ब्रेकर...रात में हो गया दर्दनाक हादसा- तीन लोगों की हो गई थी मौत

Thu, 08 Jan 2026 02:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

दरअसल, गांव के दिवंगत मोहित के घर के सामने मंगलवार की रात भगवान दास (40), अमर (25), जितेंद्र (40), हिमांशु (10), प्रिंस (15) और दीपू ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे। इसी दौरान झारखंडी की ओर से तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो अचानक असंतुलित हो गई और गलत दिशा में जाकर लोगों पर चढ़ गई थी। चपेट में आए भगवान दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एम्स में इलाज के दौरान प्रिंस की भी मौत हो गई।
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हादसे में मृत गाड़ी चालक व अन्य दो - फोटो : स्त्रोत- संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर चौराहे के पास मंगलवार रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद गांव और आसपास में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चौराहे के पास दोपहर में ही स्पीड ब्रेकर को तोड़ा गया था और रात में हादसा हो गया। लोगों का कहना है कि यदि ब्रेकर को नहीं तोड़ा गया होता तो शायद तीन लोगों की जान बच जाती।
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जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले इसी जगह पर एक और हादसा हुआ था। इसमें भी तीन लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार रात की घटना ने उस हादसे ही यादें ताजा कर दीं। इसी हादसे के बाद सड़क पर अलग-अलग जगहों पर करीब 10 स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे। 

इसके बाद काफी हद तक राहत मिल गई थी। ब्रेकर की वजह से बहुत लोगों को दिक्कत भी होती थी। ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार की दोपहर में स्थानीय जनप्रतिनिधि ने पांच ब्रेकर तुड़वा दिए। दरअसल, गांव के दिवंगत मोहित के घर के सामने मंगलवार की रात भगवान दास (40), अमर (25), जितेंद्र (40), हिमांशु (10), प्रिंस (15) और दीपू ठंड से बचने के लिए अलाव ताप रहे थे।

इसी दौरान झारखंडी की ओर से तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो अचानक असंतुलित हो गई और गलत दिशा में जाकर लोगों पर चढ़ गई थी। चपेट में आए भगवान दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एम्स में इलाज के दौरान प्रिंस की भी मौत हो गई। चालक संजय सिंह की भी अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। चालक बलिया जिले का रहने वाला था।

गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे के बाद बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर में पोस्टमॉर्टम के बाद जैसे ही शव पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। गांव के लोगों का कहना था कि यदि उस समय ये लोग अलाव तापने न गए होते तो शायद ये हादसा न होता। भगवानदास के चार लड़के हैं। सभी का रोकर बुरा हाल है। पत्नी दीपा देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थी। भगवानदास ऑटो चलाते थे। घर आने के बाद गाड़ी खड़ी कर वह चौराहे पर चले गए थे।
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ऑपरेशन के डर से घर चला आया अमर
रामपुर के धोबी टोला निवासी घायल अमर को एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि उसकी पसली टूट गई है और ऑपरेशन करना होगा। इसके बाद ऑपरेशन के डर से अमर अपने घर चला आया। अमर ने बताया कि उसके बेड के बगल में ही दो लोगों की मौत हो गई थी।

चिकित्सक ऑपरेशन की भी बात कर रहे थे जिससे मुझे घबराहट हो रही थी। अमर की पत्नी रजनी ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज के लिए लेकर गए थे लेकिन वहां भी यह नहीं रुके और घर चले आए।
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