गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के दूसरे फेज में अब बिहार के बाद कुशीनगर से गोरखपुर के बीच सर्वे के साथ ही एलाइनमेंट का काम तेज हो गया है। प्राथमिक सर्वे में पाया गया है कि एक्सप्रेस-वे दोनों जिलों के 156 से ज्यादा गांवों से होकर गुजरेना।
इन गांवों में कितनी जमीनें अधिग्रहित की जाएंगी, इसके लिए गोरखपुर में मुख्य राजस्व अधिकारी और कुशीनगर में एडीएम एफआर को जिम्मेदारी दी गई है। सर्वे का काम मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
525.590 किमी लंबाई वाले गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए पहले जो सर्वे कराया गया था, उसमें देवरिया भी शामिल था। देवरिया के 23 गांव इसमें शामिल थे लेकिन जमीन के विवाद और लंबा रूट होने के चलते इसे सीधे कुशीनगर के रास्ते ले जाने का निर्णय लिया गया।
525.590 किमी एक्सप्रेस-वे में 86.600 किलोमीटर लंबाई गोरखपुर-कुशीनगर में होगी। इस बदलाव से न केवल मार्ग सीधा और सुगम हुआ है, बल्कि समय की भी बचत होगी। गोरखपुर-कुशीनगर के 156 गांवों से होकर गुजरेगा। 10 महीने पहले तक हुए सर्वे में देवरिया भी इसमें शामिल था।
अब फिर से एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट तय किया गया है। इस दौरान यह तय किया गया है कि गोरखपुर मंडल के किन-किन गांवों से होते हुए एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। बिहार में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। गोरखपुर में 15 से ज्यादा राजस्व गांवों एवं कुशीनगर के हाटा, कसया एवं तमकुहीराज तहसील के 141 गांवों से होते हुए एक्सप्रेस-वे गुजरेगी।
गोरखपुर में आठ किलोमीटर लंबाई में यह सड़क बनाई जाएगी। इसे सरंडा गांव के पास जगदीशपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन से मिलाया जाएगा। जिला प्रशासन ने एनएचएआई को नक्शा भी उपलब्ध करा दिया है।
भविष्य में पानीपत एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा सिलीगुड़ी एक्स्प्रेस-वे
एनएचएआई के जानकारों की मानें तो सिलीगुड़ी एक्स्प्रेस-वे को भविष्य में गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना है। पानीपत एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से पीपीगंज-कैंपियरगंज, आनंदनगर होते हुए गुजरेगा। सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे जगदीशपुर फोरलेन से बनाया जाएगा। यहां से कैंपियरगंज के लिए एक लिंक रोड बनाकर जोड़ा जाएगा।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए गोरखपुर और कुशीनगर में सर्वे कराया जा रहा है। दोनों ही जिलों में राजस्व गांवों की जमीन चिह्नित करने के लिए अधिकारी नामित किए गए हैं। एलाइनमेंट का काम पूरा होने के बाद तय हो पाएगा कि कितने गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा:
ललित पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई