विवाहिता महिलाओं के राशन कार्ड के लिए भरा जाने वाला फॉर्म
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अब शादी के बाद महिलाएं सिर्फ ससुराल में ही कोटे का राशन ले पाएंगी। मायके में राशन कार्ड से उनका नाम हटाया जाएगा। आपूर्ति विभाग ने सर्वे कराकर अब तक 1535 महिलाओं का नाम मायके के राशन कार्ड से हटवाकर ससुराल में जुड़वाया है। सर्वे अभी चल रहा है, करीब 500 और महिलाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके नाम पर दोनों जगहों से राशन लिया जा रहा था।
जल्द ही सत्यापन कराकर इनका भी नाम मायके वाले राशन कार्ड से हटाया जाएगा। सरकारी राशन की दुकान से प्रत्येक अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलोग्राम राशन मिलता है। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल है। इसी प्रकार पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन दिया जाता है।
उनको चावल व गेंहू मिलता है। इसका लाभ बहुत सारी महिलाएं दो जगहों से ले रही थीं। नियमानुसार उन्हें फॉर्म भरकर मायके वाले राशन कार्ड से नाम हटवाना चाहिए था। अब आपूर्ति विभाग ने सर्वे शुरू कराया है। इसके तहत जिला पूर्ति विभाग की ओर से एक फाॅर्म दिया जा रहा है। इसमें एक ही फाॅर्म में मायके के पते व राशन कार्ड के विवरण के साथ ससुराल का पता व राशन कार्ड का विवरण भरना है।
मायके से ससुराल जा चुकी महिलाओं का एक ही जगह राशन कार्ड में नाम रहेगा। संपर्क कर नाम कटवाने और ससुराल में जोड़वाने के लिए आवेदन करवाया जा रहा है। अब तक 1535 महिलाओं के नाम मायके से हटाए गए हैं:
रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी