बिहार के बेतिया पुलिस जिला के रामनगर गांव की रहने वाली 36 वर्षीया महिला की सोमवार की भोर में एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान मौत हो गई। घरवालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया तो अस्पताल कर्मी शव छोड़कर भाग निकले।
परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। देर शाम परिजनों ने गांव ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मृत पूनम के भतीजे अजय ने बताया कि दो दिन पहले काली मंदिर के पास स्थित अस्पताल में उसने अपनी चाची को भर्ती कराया था। उनके पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत थी।
रविवार रात में डॉक्टर ने मरीज की हालत ठीक बताते हुए सोमवार को डिस्चार्ज करने की बात कही। रात में ग्लूकोज की ड्रिप लगाकर स्टॉफ नर्स चली गई। जब ग्लूकोज खत्म हो गई तो कई बार कर्मचारियों को बुलाने गए, लेकिन कोई आया नहीं। कुछ देर बाद मरीज की हालत बिगड़ी तो हम लोगों ने हल्ला मचाया।
इसके बाद कर्मचारी, मरीज को आईसीयू में ले जाने की बात कहकर बेड से उठाकर ले गए। करीब 15 मिनट बाद कर्मचारी शव छोड़कर भाग निकले।
सुबह सात बजे परिजनों को मौत की जानकारी हुई। घरवालों की सूचना पर गोलघर चौकी इंचार्ज को दी। चौकी इंचार्ज पुलिस कर्मियों के साथ अस्पताल पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पीड़ित पक्ष के अजय ने बताया कि देर शाम शव का अपने गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।