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Gorakhpur News: गोली नहीं चाकू से गोदकर की गई थी प्रापर्टी डीलर की हत्या

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बरगदवा हत्याकांड: बरामद नहीं हुआ चाकू, हत्यारोपी भेजे गए जेल
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सीसीटीवी कैमरा और सीडीआर खंगाल रही पुलिस



गोरखपुर। प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या गोली मारकर नहीं बल्कि चाकू से ताबड़ताेड़ वार कर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को यह जानकारी मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद नहीं कर सकी है।



मंगलवार की सुबह माॅर्निंग वॉक पर निकले प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार की हत्या कर दी गई थी। तब बताया गया था कि बदमाशों ने पहले गोली मारी फिर चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। देर रात हुए प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने घटना में शामिल दो आरोपियों के गिरफ्तार होने की जानकारी दी, लेकिन वारदात में प्रयुक्त हथियार के बारे में स्पष्ट नहीं किया था।
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पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह बताया गया था कि बदमाशों ने फायरिंग की थी। अब पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का बयान लिया है, जिसके बाद स्पष्ट हो गया है कि शरीर के सभी घाव धारदार हथियार (चाकू) के ही थे। बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों डंपर चालक राज चौहान और विपिन यादव को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम बताने के साथ ही उन्हीं के पास हत्या में प्रयुक्त चाकू होने की जानकारी दी है। अब पुलिस टीमें घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। घटनास्थल के ठीक सामने वाले घर का सीसीटीवी कैमरा खराब होने की वजह से अब पुलिस अन्य जगहों के कैमरों व सीडीआर की जांच कर रही है ताकि नामजद आठ आरोपियों की भूमिका सामने आ सके।
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मामले में दो आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस की आठ टीमें दबिश दे रही हैं।



-ज्ञानेंद्र, एसपी नार्थ



पिता बोले-बचाए जा रहे असल गुनहगार



हत्याकांड में दो डंपर चालकों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने मामले के पर्दाफाश किया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। पिता जंगीलाल ने आरोप लगाया कि असली साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं, जबकि निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। नामजद आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जबकि असल गुनाहगार वहीं है, उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बहन संगीता ने कहा कि जिन दो लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है, अकेले हत्या करना उनके बस की बात नहीं है। उनका कहना है कि दोनों आरोपी अकेले हत्या नहीं कर सकते। असल गुनहगारों ने उन्हें पैसों का लालच देकर आगे कर दिया है। परिजनों ने भाजपा पार्षद समेत आठ नामजद आरोपियों पर हत्या कराने का आरोप दोहराया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई, लेकिन परिवार का दावा है कि जांच अधूरी है और असली गुनहगारों पर अभी तक शिकंजा नहीं कसा गया है।
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