गोरखपूर। नगर निगम अब म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की तैयारी में जुट गया है। फिलहाल क्रेडिट रेटिंग, प्राथमिक परियोजना ज्ञापन (पीपीएम) और सेबी की मंजूरी की प्रक्रिया अभी शुरू होनी है। ब्याज दर का निर्धारण क्रेडिट रेटिंग के बाद ही होगा। बॉन्ड जारी कर उसे एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध कराने के लिए नगर निगम के पास दिसंबर तक का समय है।
नगर निगम की ओर से म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ रही है। इसके लिए नियुक्त मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म संयुक्त रूप से प्राथमिक परियोजना ज्ञापन तैयार करेंगे। इसमें वित्तीय और कानूनी (फाइनेंशियल व लीगल) चैप्टर शामिल होंगे।
प्राथमिक परियोजना ज्ञापन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को भेजा जाएगा। दस्तावेजों की जांच के दौरान सेबी की ओर से यदि कोई आपत्ति या सवाल उठाए जाते हैं तो नगर निगम, मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म उनका जवाब देंगे। सेबी के संतुष्ट होने के बाद अंतिम परियोजना ज्ञापन जारी किया जाएगा और इसके बाद बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नगर निगम की क्रेडिट रेटिंग अभी होनी बाकी है। इसी रेटिंग के आधार पर बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज दर तय की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, अच्छी क्रेडिट रेटिंग मिलने पर कम ब्याज दर पर भी निवेशकों से बेहतर प्रतिक्रिया मिलने की संभावना रहती है। बॉन्ड जारी करने की तैयारी के तहत लॉ फर्म नगर निगम से जुड़े सभी कानूनी मामलों की भी जांच कर रही है।
विशेष रूप से सेबी या किसी ट्रिब्यूनल में लंबित साढ़े 11 लाख रुपये या उससे अधिक राशि वाले मामलों व आपराधिक मामलों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम है। इसलिए बॉन्ड प्रक्रिया पर किसी बड़े कानूनी व्यवधान की आशंका नहीं है।
नगर निगम को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होने पर तय अवधि में म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर उसे एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध करा दिया जाएगा। इसके जरिये जुटाई गई राशि का उपयोग शहर की आधारभूत विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।
नगर निगम के वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि बॉन्ड समय से जारी हो इसके लिए सभी प्रक्रिया चल रही है। इसे तय समय में पूरा कर लिया जाएगा।