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Gorakhpur News: सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी, सात गिरफ्तार- लोगो को भी लालच देकर जोड़ते थे

Wed, 25 Mar 2026 03:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

यह गिराेह लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से उनके दस्तावेज लेता था। आधार कार्ड की मदद से सिम कार्ड निकलवा लेते थे। फिर बैंक खाता खुलवाकर उसमें साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। कई लोगों से ये उनके बैंक खाते का पासबुक और अन्य दस्तावेज भी मांग लेते थे। बदले में उनको कमीशन का लालच देते थे। पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया ध्रुव साहनी ही यहां पर गिरोह के गुर्गों को निर्देश देता था।
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाने और उसके जरिये साइबर ठगी की रकम ठिकाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी, बैंक खाते खुलवाने के लिए लोगों को रुपये का लालच भी देते थे। एम्स पुलिस ने मंगलवार को गिरोह के सात गुर्गों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैंट इलाके के सिंघड़िया निवासी ध्रुव साहनी, एम्स थाना क्षेत्र के रजही जगदीशपुर निवासी सूरज सिंह, पिपराइच के पिपरा बसंत निवासी अजय उपाध्याय, देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के असनहर निवासी अखंड प्रताप सिंह, मऊ जिले के गोपालपुर निवासी बृजेंद्र कुमार सिंह, बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर निवासी अभिषेक कुमार यादव और एम्स इलाके के नीना थापा झरनाटोला निवासी अमर कुमार निषाद के रूप में हुई।
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बृजेंद्र वर्तमान में एम्स इलाके के नीना थापा और अमर निषाद वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंधौरा में रहता था। मामले में वाराणसी, भदोही और लखनऊ के तीन आरोपी वांछित हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, एक टैब, दो लैपटाप, आठ कूटरचित मोहर, 28 हस्ताक्षरयुक्त चेक, चार पासबुक, तीन एटीएम कार्ड और दो चेकबुक बरामद किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह गिराेह लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से उनके दस्तावेज लेता था। आधार कार्ड की मदद से सिम कार्ड निकलवा लेते थे। फिर बैंक खाता खुलवाकर उसमें साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। कई लोगों से ये उनके बैंक खाते का पासबुक और अन्य दस्तावेज भी मांग लेते थे। बदले में उनको कमीशन का लालच देते थे। पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया ध्रुव साहनी ही यहां पर गिरोह के गुर्गों को निर्देश देता था।
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