गोरखपुर। अभियान थिएटर ग्रुप की ओर से आयोजित 10 दिवसीय अभिनय प्रशिक्षण के अंतिम दिन कलाकारों ने कॉलिंग ऑफ अ घोस्ट नामक नाटक की प्रस्तुति दी। इसमें समाज में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं, भेदभाव, दबाव, संघर्ष और बदलाव को सात अध्यायों के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया।
नाटक के पहले अध्याय ग्रेवयार्ड में सात लड़कियों को कब्रिस्तान में जीवित पड़े दिखाया गया। दूसरे अध्याय ब्रेकडाउन में महिलाओं की पसंद और आवाज को दबाने और उनकी अनसुनी चीखों को सामने रखा गया। रिवॉल्यूशन अध्याय में महिलाओं को सामाजिक बेड़ियां तोड़कर अपने साथ हुए अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते दिखाया गया। रैंपवाक में महिलाओं की स्वतंत्र पसंद और अपने फैसले खुद लेने की इच्छा को मंच पर उतारा गया। मशीन में तकनीक के बढ़ते प्रभाव से इंसान की एकाग्रता खत्म होने की स्थिति दिखाई गई।
अंतिम अध्याय डिवाइन में बीते अनुभवों के मानसिक प्रभाव और उनसे बाहर निकलकर जीवन को नए सिरे से जीने का संदेश दिया गया। प्रस्तुति में बताया गया कि महिलाओं के साथ होने वाली घटनाएं उनके मन और शरीर पर गहरा प्रभाव डालती हैं। समाज, संस्कृति और धर्म भी उनके व्यवहार और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं। प्रस्तुति की परिकल्पना अफ्फान नवाब ने की। चेयरमैन नारायण पांडेय ने दर्शकों का स्वागत किया।