- एएसपी की जांच रिपोर्ट पर चौकी प्रभारी और दो सिपाही हटाए गए, गठजोड़ तोड़ने की कोशिश
- अब पुलिस स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में, लेकिन अभी पहले की जांच रिपोर्ट का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अवैध नर्सिंग होम पर केस दर्ज कर शिकंजा कसने वाली पुलिस अब अस्पताल माफिया और एंबुलेंस माफिया के गठजोड़ को तोड़ने की तैयारी में है। गुलरिहा थाने में केस दर्ज होने के बाद पूरे प्रकरण में घुसी पुलिस ने एक-एक परत उधेड़ दी है।
एएसपी ट्रेनी आईपीएस मानुष पारिक ने पूरे प्रकरण की जांच कर एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर को रिपोर्ट सौंप दी है। दो सिपाही दोषी पाए जाने पर हटाए गए तो चौकी इंचार्ज रहे पंकज कुमार सिंह को हटाकर थाने पर भेज दिया गया। अब पुलिस स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के इंतजार में है। खबर है कि पुलिस रिपोर्ट को सीएमओ को भी देगी, ताकि अवैध धंधे पर नकेल कसी जा सके।
जानकारी के मुताबिक, 10 मई को पुलिस ने नर्सिंग होम में सौदा कर जबरन मरीज को उठाने वाले गिरोह के लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में वार्ड ब्वाय नीलेश मिश्रा, सफाई कर्मी साहिल सिंह, निजी अस्पताल कर्मी रोहन मिश्रा, निजी एंबुलेंस कर्मी मनोज निगम को दबोचा गया था।
इस केस की ही जांच में पुलिस को पूरे गठजोड़ का पता चला गया। दरअसल, सारा खेल नर्सिंग होम और स्वास्थ्य महकमे के सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत से चल रहा है। दूसरे, पुलिस को कभी कभार एंबुलेंस के बेगारी की जरूरत पड़ती है, इस वजह से वह भी आंख बंद की रहती है, लेकिन इन सब के बीच में गरीब मरीज पिसता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दो सिपाही, चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई भी कर दी, लेकिन स्वास्थ्य महकमे की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। क्योंकि, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित की थी और जिसकी रिपोर्ट नहीं आई है, इस वजह से पुलिस अभी जल्दबाजी नहीं करना चाहती है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर बताते हैं, जांच के आधार पर शामिल पुलिस वालों पर कार्रवाई गई है। दर्ज केस की विवेचना जारी है। पुलिस जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।