गोरखपुर में लोग शाम 5:57 बजे से 6:47 बजे तक लोगों ने आकाश में ग्रहण का दृश्य देखेंगे। ग्रहण को लेकर लोगों में गहरी आस्था नजर आई। होली के लिए घरों में पहले से तैयार की गई गुझिया और अन्य पकवानों पर लोगों ने तुलसी पत्र रख दिया, ताकि धार्मिक मान्यता के अनुसार भोजन शुद्ध बना रहे।
होली से एक दिन पहले मंगलवार को चंद्रग्रहण का प्रभाव देखने को मिला। अपराह्न 3:20 बजे ग्रहण शुरू हुआ, जबकि सुबह 6:20 बजे से ही सूतक लग गया था। सूतक काल के चलते कई मंदिरों के कपाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए और नियमित पूजा-अर्चना स्थगित रही। जिले में यह चंद्रग्रहण करीब 50 मिनट तक स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गोरखपुर में लोग शाम 5:57 बजे से 6:47 बजे तक लोगों ने आकाश में ग्रहण का दृश्य देखेंगे।।
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ग्रहण को लेकर लोगों में गहरी आस्था नजर आई। होली के लिए घरों में पहले से तैयार की गई गुझिया और अन्य पकवानों पर लोगों ने तुलसी पत्र रख दिया, ताकि धार्मिक मान्यता के अनुसार भोजन शुद्ध बना रहे। ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने इष्ट देव का स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना और मंत्र जाप किया।
कई घरों में भजन-कीर्तन भी हुआ। ग्रहण समाप्ति के बाद लोगों ने खाने-पीने की वस्तुओं पर गंगाजल का छिड़काव किया और भगवान की आरती कर भोग लगाया। मंदिरों में भी विधिवत आरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। धार्मिक परंपरा के अनुसार, कई श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर जरूरतमंदों की सहायता की। इस तरह आस्था और परंपरा के बीच चंद्रग्रहण और होली का संगम देखने को मिला।