सर्वे की कार्रवाई सुबह करीब 11:20 बजे शुरू हुई, जब आयकर विभाग की टीम कार्यालय पहुंची। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह अभियान कर चोरी और काले धन को सफेद करने के संदेह पर आधारित है। विशेष रूप से, 30 लाख रुपये तक कीमत वाली संपत्तियों की रजिस्ट्री में पैन कार्ड की जानकारी छिपाने के मामलों पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पैन कार्ड का उपयोग सही नहीं पाया गया, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त कमिश्नर सोनल सिंह के निर्देशन में आयकर अधिकारी बिनीत श्रीवास्तव, आयकर निरीक्षक अमित गुप्ता, वशिष्ठ गिरी, अवनीश सिंह और रुपेश कुमार शामिल हैं। इन अधिकारियों ने कार्यालय के स्टाफ से पूछताछ कर रही है।