गोरखपुर। शहर के पार्क रोड स्थित ठाकुर प्रसाद गोपाल दास ज्वेलर्स में बृहस्पतिवार दोपहर आयकर विभाग की टीम का सर्वे लगभग साढ़े 10 घंटे चला। सर्वे के दौरान टीम ने कई दस्तावेज और हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया है। अब दस्तावेजों का आईटीआर से मिलान कराया जा रहा है।
आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन (आईएंडसीआई) की लखनऊ, प्रयागराज व गोरखपुर की टीमें बृहस्पतिवार को दोपहर लगभग 12 बजे ज्वेलरी के शोरूम में सर्वे के लिए पहुंची थीं। रात लगभग 10:30 बजे तक टीम ने दस्तावेजों को खंगाला। बताया जा रहा है कि टीम ने कंप्यूटर में दर्ज बिक्री के ब्योरे को कब्जे में लिया है। जानकारी के मुताबिक, सर्वे में आईटीआर में दर्ज स्टॉक और मौजूद स्टॉक में अंतर मिला है। इसके साथ ही दो लाख से अधिक की बिक्री के ब्योरे में अनियमितता के संकेत मिले हैं। एक ही परिवार के सदस्यों के नाम से एक ही दिन में आभूषणों की खरीद के मामले सामने आए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि यह कोशिश की गई है कि दो लाख रुपये या उससे अधिक के बिल न बनें। बता दें कि दो लाख रुपये से अधिक कीमत के आभूषणों की खरीद में ग्राहक का पैन कार्ड अनिवार्य होता है। हर खरीद की सूचना आयकर विभाग को देनी होती है।
सर्वे के बाद कई शोरूम में दिखी सतर्कता
इस सर्वे के बाद शहर के कई सराफा कारोबारी सहमे हुए हैं। शुक्रवार को ज्वेलरी के कई शोरूम में बिल बनाने को लेकर सतर्कता दिखी। दो लाख से अधिक की खरीदारी पर अनिवार्य रूप से पक्का बिल दिया जा रहा था।
समय से खुला शोरूम, दिनभर रही चहल-पहल
शुक्रवार को शोरूम समय से खुला। वहां सब कुछ सामान्य दिखा। दिनभर वहां चहल-पहल दिखी। लोग सामान्य दिनों की तरह ही वहां आभूषणों की खरीदारी के लिए पहुंचते रहे।