भीषण गर्मी के बीच यात्रा करने वालों को करना पड़ रहा मुश्किलों का सामना
बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे अभिभावक भी पसीने से तरबतर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। उमस भरी गर्मी ने शनिवार को लोगों को काफी परेशान किया। खासतौर से दिन में यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर यात्री बेचैन रहे तो बस की सीट पर भी उन्हें आराम नहीं मिला।
गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर छह पर दोपहर दो बजे के करीब मथुरा-छपरा एक्सप्रेस आई। सिवान जाने वाले राकेश ट्रेन के रुकते ही प्लेटफॉर्म पर उतरे और वाटर कूलर के पास ठंडे पानी से चेहरे को धुलने लगे। चेहरे पर पानी पड़ते ही मानो जान में जान आई। बताया कि काफी देर से गर्मी हो रही थी, ट्रेन में पानी ठंडा नहीं था। अब जाकर थाेड़ी राहत महसूस हो रही है।
प्लेटफॉर्म पर जैसे ही कोई ट्रेन आती, सबसे पहले उसके यात्री वाटर कूलर पर पहुंच जाते। प्लेटफाॅर्म के दोनों छोर पर लगे वाटर कूलर ठंडा पानी दे रहे थे। इस लिए वहां पर यात्रियों की भीड़ भी हो रही थी।
स्टेशन पर उन यात्रियों को ज्यादा परेशानी हुई जो समय से तो आ गए, लेकिन ट्रेन लेट हो गई और प्लेटफॉर्म पर समय गुजारना पड़ा। कोई प्लेटफॉर्म पर चादर बिछाकर परिवार संग बैठ गया तो कोई पंखा देखकर उसके नीचे। दूर-दराज से आने वाले लोगों के सामने इंतजार के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
बस में धूप की तरफ नहीं बैठेंगे
दोपहर 2:30 बजे के करीब रेलवे बस स्टैंड के आगे एक बस खड़ी थी। एक यात्री ने कंडक्टर से पूछा कि देवरिया जाना है जगह है? कंडक्टर ने कहा कि हां बहुत जगह है। यात्री अंदर गया और फिर बाहर आकर बोला, इसमें नहीं जाएंगे, सीट बहुत गर्म है। धूप की तरफ नहीं बैठेंगे। पांच मिनट बाद दूसरी बस आई तो वह उस बस में सवार हो गया। बस स्टैंड पर बोतलबंद पानी की मांग भी बहुत ज्यादा रही।
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आज से स्कूलों की छुट्टी, अब धूप में लेने नहीं आना पड़ेगा
दोपहर 12:30 के करीब सिविल लाइंस में बड़ी संख्या में अभिभावक बच्चों को लेने पहुंचे थे। तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। सड़क के किनारे छांव में खड़े इंदिरा नगर के शशांक ने बताया कि धूप में बच्चों को लेने आना सजा के समान है। अच्छा है रविवार से छुट्टी हो रही है, अब एक महीने इससे राहत मिलेगी। स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। अभिभावक बच्चों को गमछा से ढक कर ले जा रहे थे। अंतिम दिन था तो कुछ बच्चे दोस्तों संग आइसक्रीम खाकर खुशी मना रहे थे।