गोरखपुर। फर्जी कंपनी खोलकर युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दंपती को रामगढ़ताल पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। देवरिया के गौरीबाजार निवासी बीए फेल पति ने अनपढ़ पत्नी संग मिलकर रामगढ़ताल इलाके में किराए के मकान में ऑफिस खोला था। इसमें बीए, बीटेक, बीकॉम करने वाले युवाओं को मेडिकल डाटा इंट्री का काम कराने के लिए नौकरी पर भी रखा था। इसके बदले उनसे सिक्योरिटी के नाम पर कई लाख रुपये भी जमा कराए थे।
सीओ कैंट अंशिका वर्मा ने दंपती के कारनामों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देवरिया जिले के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के इंदुपुर कटाई निवासी अमरनाथ सिंह बीए फेल है। उसकी पत्नी सोनी सिंह अनपढ़ है। इन दोनों ने मिलकर रामगढ़ताल इलाके के रामपुर में किराए के मकान में सुप्रिया एंड लक्ष्मी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्जी कंपनी नवंबर 2023 में खोली थी।
दंपती ने कंपनी में 17-18 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को धोखे से नौकरी दी थी। बाकायदा इसके लिए उनका नियुक्ति पत्र और आई कार्ड भी तैयार किया गया। वह युवाओं से मेडिकल डाटा इंट्री का काम लेते थे। कंपनी में सिक्योरिटी के नाम पर प्रति युवा 50 हजार यानी कुल आठ लाख रुपये जमा कराकर हड़प लिए। युवाओं से छह माह तक काम करवा कर उन्हें वेतन भी नहीं दिया गया।
मकान मालिक ने की शिकायत
सीओ कैंट ने बताया कि मकान मालिक को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस की जांच में कंपनी फर्जी निकली। फर्जीवाड़ा करने के आरोप में केस दर्ज किया गया। शनिवार को पुलिस ने कंपनी के ऑफिस में छापा मारकर दंपती को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करके जेल भिजवा दिया। ऑफिस में मिले एक प्रिंटर, छह फर्जी एवं कूटरचित नियुक्ति पत्र और फर्जी आई कार्ड को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
फर्जी कंपनी की चल रही जांच
शाहपुर इलाके के बशारतपुर में भी एक कंपनी खोलकर पादरी बाजार निवासी तीन लोग रुपये दोगुना करने का वादा कर कई लोगों के रुपये लेकर फरार हो गए थे। लाखों रुपये गंवाने के बाद छह पीड़ितों ने एसपी सिटी से शिकायत की, तब मामले की जांच सीओ गोरखनाथ को सौंपी गई। बताया जा रहा है कि कई साल से किराए के मकान में कंपनी चल रही थी।