फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: एनसी हॉस्टल होगा ध्वस्त, नए के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नाथ चंद्रावत छात्रावास ध्वस्त किया जाएगा। डीडीयू की स्थापना काल में बने इस छात्रावास को राजकीय निर्माण निगम ने अनफिट घोषित कर दिया है। इसके बाद अब डीडीयू प्रशासन नए छात्रावास के लिए प्रस्ताव तैयार करा रहा है। जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
विज्ञापन


डीडीयू की स्थापना के समय ही लगभग 70 वर्ष पहले छात्रावास के रूप में एनसी हॉस्टल का निर्माण हुआ था। इसमें लगभग 145 कमरे थे और लगभग 300 छात्र रहते थे। विश्वविद्यालय के सबसे पहले और सबसे बड़े इस छात्रावास को करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व डीडीयू प्रशासन ने खाली करा दिया था। तब प्रशासन ने कहा था कि इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
जीर्णोद्धार तो नहीं हुआ लेकिन लगभग तीन साल तक हॉस्टल में पीएसी का कैंप लगा रहा। पीएसी से हॉस्टल खाली कराने की मांग को लेकर छात्र संगठन लंबे समय तक संघर्षरत रहे, जिसके बाद कुछ महीने पहले पीएसी से खाली कराया गया था।
विज्ञापन


डीडीयू प्रशासन ने इसके सर्वे व जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी उप्र राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) को दी थी। सर्वे के बाद निगम ने बताया कि यह भवन अपनी अवधि पूरी कर चुका है और अनफिट है। जीर्णोद्धार में लगभग आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे, उसके बाद भी हादसे की आशंका बनी रहेगी। उसने हॉस्टल को ध्वस्त कराकर नए के निर्माण का सुझाव दिया है। इसके बाद प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।


इस सत्र में भी मायूस होंगे छात्र
पीएसी से हॉस्टल को खाली कराए जाने के बाद से ही छात्र उम्मीद कर रहे थे कि नए सत्र से हॉस्टल का आवंटन शुरू हो जाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। छात्रों को नए छात्रावास के तैयार होने तक इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल डीडीयू में छह पुरुष और दो महिला छात्रावासों में विद्यार्थी रह रहे हैं।


बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि राजकीय निर्माण निगम ने बिल्डिंग को रहने लायक नहीं पाया है। इसके बाद एनसी हॉस्टल को ध्वस्त कराकर नया हॉस्टल बनाने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें