गोरखपुर। महानगर में बिजली आपूर्ति को अधिक निर्बाध बनाने के लिए टाउनहाॅल और गोरखनाथ खंड में 40 रिंग मेन यूनिट स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आरएमयू लगने से किसी एक फीडर में खराबी आने पर दूसरे फीडर से तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू की जा सकेगी, जिससे लंबे समय तक बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
बिजली निगम के अनुसार, तारामंडल और लालडिग्गी उपकेंद्र क्षेत्रों में सबसे अधिक छह-छह आरएमयू लगाए जाएंगे। इसके अलावा यूनिवर्सिटी उपकेंद्र में पांच, धर्मशाला में चार, रुस्तमपुर और नार्मल में तीन-तीन, टाउनहाल, लोहिया, राप्तीनगर, मेडिकल कॉलेज और शाहपुर उपकेंद्र क्षेत्रों में दो-दो आरएमयू स्थापित होंगे।
वहीं रानीबाग, सूरजकुंड और विकासनगर उपकेंद्र क्षेत्रों में एक-एक आरएमयू लगाए जाएंगे। अधीक्षण अभियंता (शहर) रणजीत चौधरी ने बताया कि 40 आरएमयू की स्थापना से शहर के प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी। फीडर में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बिना अधिक विलंब के बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।