अंशिका प्रकरण : जमानत निरस्त कराने के लिए जवाब तैयार करेगी पुलिस
- गैंगस्टर एक्ट में रिमांड लेगी बांसगांव पुलिस, अभी जेल में ही रहेगी अंशिका
गोरखपुर। सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास फायरिंग की घटना के बाद चर्चा में आई अंशिका सिंह को जमानत पर बाहर लाने की कवायद तेज हो गई है। गिरोह से जुड़े गुर्गे उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं और अधिवक्ताओं से संपर्क कर कानूनी रणनीति बना रहे हैं। उधर, पुलिस ने भी जमानत निरस्त कराने के लिए जवाब तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, अंशिका सिंह सिंघड़िया इलाके में किराये के मकान में रहती थी। 20 जनवरी को उसके जन्मदिन पर वह चार दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी। इसी दौरान द्विवेदी चाइल्ड केयर का मैनेजर विशाल वहां पहुंचा। विशाल का आरोप है कि वह ब्लैकमेलिंग के तहत पैसे देने के लिए बुलाया गया था। विशाल ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले अंशिका एक व्यक्ति बंटी के साथ अस्पताल आई थी। वहीं से उसने उसका मोबाइल नंबर लिया था। बाद में अंशिका दोबारा अस्पताल पहुंची और कथित रूप से पिस्टल दिखाकर 12 हजार रुपये वसूल लिए। आरोप है कि 20 जनवरी को भी उसने फोन कर 50 हजार रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि किसी से शिकायत की तो उसे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा देगी।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अंशिका को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। मामले में उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में है। बांसगांव पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी, जिससे पूछताछ कर गिरोह की गतिविधियों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का कहना है कि मामले को लेकर पुलिस और अभियोजन विभाग सतर्क है।
वीडियो कॉल करके फंसाती थी अंशिका
हरपुर-बुदहट क्षेत्र के झुड़िया बाबू गांव की रहने वाली अंशिका के जाल में वर्तमान में अयोध्या में तैनात एक सीओ सहित शहर में तैनात 15 पुलिसकर्मी भी फंस चुके थे। वह मैसेंजर के जरिये लोगों से संपर्क बढ़ाती थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि वर्ष 2021 में अंशिका ने सबसे पहले सोपरा देवरिया के रहने वाले राज विश्वकर्मा के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुलह के नाम पर उसने लाखों रुपये ऐंठे हैं। वर्ष 2023 में वह संतकबीरनगर के थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी थी। आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर बीते पांच साल में दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर करीब डेढ़ सौ लोगों से धनउगाही कर चुकी है।