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Gorakhpur News: मिलावट का खेल, चांदी के गहनों की चमक फीकी कर रहे धंधेबाज- ऐसे जांचे कि आपकी चांदी है असली ?

Mon, 17 Jun 2024 01:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

सराफा मंडल के मंत्री हरिद्वार वर्मा ने बताया कि ग्राहक खुद भी चांदी की जांच सकते हैं। जैसे, ब्लीच टेस्ट। चांदी असली है या नकली, यह जानने के लिए ब्लीच टेस्ट करें। पायल, बिछिया या जो भी आप खरीद कर ले जा रहे, उस पर एक बूंद ब्लीच डालें। अगर ब्लीच धूमिल हो जाए तो चांदी असली है। ब्लीच लगने से असली चांदी का रंग काला पड़ जाएगा, नकली चांदी पर ऐसा असर आपको देखने को नहीं मिलेगा।
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चांदी( सांकेतिक) - फोटो : डेमो पिक
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विस्तार
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बाजार में चांदी के गहने खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहें। दुकान में चमक रहे चांदी के गहने मिलावटी भी हो सकते हैं। धंधेबाज 15 हजार रुपये किलो खरीदकर गिलट और एल्यूमीनियम की मिलावट कर देते हैं। इन गहनों की चमक देखकर लगेगा ही नहीं कि यह मिलावटी भी है। धंधेबाज मिलावट के बाद इन गहनों को 70 हजार रुपये किलो बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
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अंबे गहना बाजार में पिछले सप्ताह एक महिला ग्राहक चांदी का बना हाथ का पंजा और हाॅफ करधन पेटी (कमरबंद) बेचने आई थी। दुकानदार ने चांदी के प्रतिशत की जांच करवाने के लिए कहा। महिला अंबे गहना बाजार में मराठी कारीगर के पास पहुंची। इस दौरान जब चांदी के आभूषणों की जांच करवाई गई तो पता चला कि उनके आभूषण में 15 प्रतिशत ही चांदी थी, बाकी दूसरा धातु मिला था।

कच्ची पर्ची से खरीद होने की वजह से ग्राहक दुकानदार के पास लेकर पहुंची, तो उसने जेवर अपना मानने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि आहत महिला ने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम से करने के साथ बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) से भी कर दी है। अभी हाल ही में कच्ची पर्ची पर गहने खरीदने-बेचने के मामले में एक जांच एजेंसी की टीम ने इसी गहना बाजार की दुकान पर छापा मारा था।
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विदेशी हॉलमार्क वाले इन्हीं सोने के यहां चांदी मिलाकर गलवा देशी बनाया जाता है। - फोटो : सोशल मीडिया
सूत्रों ने बताया कि बाजार की इस मंडी से थोक में सोने के साथ चांदी का बड़ा स्टाॅक ग्रामीण इलाकों के साथ आसपास के इलाकों में खपाया जाता है। हिंदी बाजार में सोने के धंधेबाजों पर तो कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन चांदी के धंधेबाज अभी भी आराम से ग्राहकों से ठगी कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही बीआईएस या दूसरी एजेंसी बाजार में चांदी के आभूषणों की जांच कर सकती है।

सिर्फ 92 टंच के चांदी को मापने की है मशीन
सराफा या टंच कारोबारियों के पास सिर्फ 92 टंच की चांदी की जांच करने के लिए मशीन है। इससे कम की चांदी को मराठी कारीगर अपने विधि से जांचते हैं। जैसे, एसिड व अन्य केमिकल के जरिये चांदी को पूरी तरह से गलाकर तरल कर देते हैं। इसके बाद केमिकल डालकर ही तरल पदार्थ से चांदी के रंग और अन्य धातुओं के मिश्रण का अनुपात आंका जाता है। इसी आधार पर इसमें चांदी और अन्य पदार्थों की जांच होती है।

15, 45 और 52 टंच का होता है खेल
बाजार के सूत्रों ने बताया कि सराफा कारोबार में 15, 45 और 52 टंच का खेल होता है। जैसे, ग्रामीण इलाकों में धंधेबाज 15 टंच वाले चांदी को मिलाकर पूरी तरह से शुद्ध बना देते हैं, जबकि बाजार में ये धंधेबाज 45 और 52 टंच वाली चांदी को शुद्ध चांदी बनाकर उसे अंतरराष्ट्रीय भाव पर बेच देते हैं।

 

चांदी - फोटो : सोशल मीडिया
यहां से आती है चांदी
बाजार के सूत्रों ने बताया कि गोरखपुर में सबसे ज्यादा चांदी आगरा, मथुरा, राजकोट, मुंबई, कोयंबटूर समेत अन्य जगहों से लाई जाती है। निजी गाड़ी या रेलवे की बुकिंग से अपनी चांदी के स्टाॅक को मंगवाते हैं और हिंदी बाजार की दुकानों से आसपास के ग्रामीण इलाकों में इसे खपाते हैं।

ऐसे करें चांदी की जांच
सराफा मंडल के मंत्री हरिद्वार वर्मा ने बताया कि ग्राहक खुद भी चांदी की जांच सकते हैं। जैसे, ब्लीच टेस्ट। चांदी असली है या नकली, यह जानने के लिए ब्लीच टेस्ट करें। पायल, बिछिया या जो भी आप खरीद कर ले जा रहे, उस पर एक बूंद ब्लीच डालें।

 
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चांदी का कड़ा - फोटो : अमर उजाला
अगर ब्लीच धूमिल हो जाए तो चांदी असली है। ब्लीच लगने से असली चांदी का रंग काला पड़ जाएगा, नकली चांदी पर ऐसा असर आपको देखने को नहीं मिलेगा। ब्लीच, गहने के किसी एक छोटे से हिस्से में ही लगाएं। चांदी पर बर्फ भी रखकर जांच की जा सकती है। अगर बर्फ जल्दी पिघलने लगे तो चांदी असली है। बाजार में कई जांच केंद्र भी हैं। वहां भी जांच करवा सकते हैं।

सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि हिंदी बाजार में ग्राहक और खरीदार के बीच विश्वास का संबंध है। चांदी के आभूषणों में आए दिन गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती हैं। कुछ दिन पहले भी ऐसे ही एक शिकायत सामने आई थी।

अक्सर ग्राहक खरीद में कच्ची पर्ची की वजह से खुलकर शिकायत नहीं कर पाते। बाजार में बाहरी दुकानदार भी हावी हो गए हैं। एजेंसियों को सोने के साथ चांदी के धंधेबाजों पर भी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। ग्राहक कच्ची पर्ची की जगह फर्म की पर्ची पर ही खरीदारी करें तो दिक्कत नहीं होगी।
 
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