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सुबह 6:55 बजे होगी ईद की पहली नमाज

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मस्जिदों में तय हुआ ईद की नमाज का समय, 10:30 बजे तक अदा की जाएगी नमाज
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सेहरा बाले मियां के मैदान में दो बार पढ़ाए जाने की तैयारी, 10 या 11 अप्रैल को मनाई जाएगी ईद-उल-फित्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में ईद-उल-फित्र की नमाज का वक्त तय हो गया है। मस्जिद और ईदगाहों में सुबह 6:55 से ईद की नमाज शुरू हो जाएगी, यह सिलसिला 10:30 तक चलता रहेगा। अलग-अलग वक्त पर मस्जिदों में नमाज होगी। इसके लिए ईदगाहों व मस्जिदों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मस्जिदों में रंग-रोगन कराया जा रहा है। ईदगाहों में साफ-सफाई के साथ ही धूप से बचने के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
नौ अप्रैल को देखा जाएगा चांद
मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि मंगलवार को 29वां रोजा पूरा करके मगरिब की नमाज के बाद ईद का चांद देखा जाएगा, अगर चांद नजर आ जाता है तो बुधवार 10 अप्रैल को ईद मनाई जाएगी, वहीं अगर चांद नहीं दिखा तो बुधवार को 30वां रोजा मुकम्मल करके बृहस्पतिवार 11 अप्रैल को ईद मनाई जाएगी। हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि ईदगाह में ईद की नमाज अदा करना पैगंबर मोहम्मद साहब की सुन्नत है।
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नायब काजी मुफ्ती मो. अजहर शम्सी ने बताया कि मोहम्मद साहब ने फरमाया कि महीना 29 का भी होता है और 30 का भी। रोजा चांद देखकर शुरू करो और चांद देखकर ही रोजा बंद कर दो। अगर आसमान साफ नहीं है तो 30 की गिनती पूरी करो।

ईद-उल-फित्र की नमाज का समय
6:55 बजे : चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर।

7:00 बजे : मोती जामा मस्जिद अमरुतानी बाग रसूलपुर, बेलाल जामा मस्जिद रसूलपुर भट्टा दरिया चक।

7:15 बजे : नूरानी जामा मस्जिद कामरेड नगर रसूलपुर, मस्जिद फैजाने इश्के रसूल शहीद अब्दुल्लाह नगर, फहीम जामा मस्जिद इस्लामिया नगर रसूलपुर, तैयबा मस्जिद पचपेड़वा गोरखनाथ, नूर जामा मस्जिद चिलमापुर, मस्जिद जोहरा मौलवी चक बड़गो।

7:30 बजे : बेलाल मस्जिद इमामबाड़ा अलहदादपुर, मस्जिद मुसम्मात नसीबन बीबी (कादरिया मस्जिद) निकट नखास चौक कोतवाली रोड, मस्जिद पीर बाबा सेन्दुली बेन्दुली, जामा अहले बैत जामा मस्जिद पुराना गोरखपुर गोरखनाथ, गौसिया जामा मस्जिद लीची बाग जामिया नगर, दरोगा साहब मस्जिद अफगानहाता सिद्दीकी कटरा, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, रौजा रमजान अली शहीद मस्जिद स्पोर्ट्स कॉलेज के निकट, मकबरे वाली मस्जिद हुमायूंपुर उत्तरी, ईदगाह इमामबाड़ा इस्टेट मियां बाजार, जामा मस्जिद यादव टोला नकहा, मक्का मस्जिद मेवातीपुर, हुसैनी जामा मस्जिद बड़गो।


7:45 बजे : मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक, नूरी जामा मस्जिद अहमद नगर चक्सा हुसैन, बेलाली मस्जिद खूनीपुर।

8:00 बजे : ईदगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल, मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, जामा मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह, जामा मस्जिद रसूलपुर, ईदगाह सेहरा बाले का मैदान बहरामपुर, मस्जिद जलील शाह खूनीपुर, मस्जिद मियां साहब सैनिक विहार नंदानगर, गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर, मस्जिद जामे नूर जफर कॉलोनी बहरामपुर, सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर, फिरदौस जामा मस्जिद जमुनहिया बाग, नूरानी मस्जिद हुमायूंपुर उत्तरी तरंग क्रासिंग, अकबरी जामा मस्जिद अहमदनगर, फिरदौस मस्जिद गेहूंआ सागर, हुसैनिया जामा मस्जिद नौसढ़, मस्जिद शेख झाऊ साहबगंज, रजा मस्जिद जाफरा बाजार, अक्सा मस्जिद शाहिदाबाद हुमायूंपुर उत्तरी, लाल जामा मस्जिद गोलघर, अशरफी जामा मस्जिद हुमायूंपुर उत्तरी, मस्जिद काजी साहब इस्माइलपुर, हज्जिन बीबी जामा मस्जिद धर्मशाला बाजार, मस्जिद गालिब शहीद गंगा टोला चेतना प्रेस रोड बशारतपुर, मस्जिद वजीराबाद कॉलोनी, डॉ. एके राय के निकट वाली मस्जिद बशारतपुर, ईदगाह रानीडीहा इंजीनियरिंग कॉलेज, सूफी जामा मस्जिद नकहा रेलवे स्टेशन के पास।

8:15 बजे : शाही मस्जिद तकिया कवलदह

8:30 बजे : शाही जामा मस्जिद उर्दू बाजार, ईदगाह फतेहपुर मेडिकल कॉलेज, हुसैनिया ईदगाह निजामिया मस्जिद बिछिया, तामीरुल मसाजिद सूरजकुंड कॉलोनी आंबेडकर नगर, मस्जिदे कादरिया गुलशन असुरन पोखरा भेड़ियागढ़ बशारतपुर, मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर, ईदगाह पुलिस लाइन, ईदगाह बेनीगंज, मस्जिद सुप्पन खां (कुरैशिया मस्जिद) खूनीपुर

8:45 बजे : सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार

9.00 : औलिया जामा मस्जिद घोसीपुरवा, ईदगाह सेहरा बाले का मैदान बहरामपुर, मस्जिद अबू बाजार उंचवा

10:00 बजे : शाही मस्जिद बसंतपुर सराय

10:30 बजे : सुन्नी जामा मस्जिद सौदागार मोहल्ला बसंतपुर
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रमजान हमें दीनदार व परहेजगार बनाने आया
गोरखपुर। रविवार को 27वां रोजा खैर व बरकत से बीता। मस्जिद जामे नूर जफर कॉलोनी बहरामपुर के इमाम मौलाना सद्दाम हुसैन निजामी ने कहा कि हदीस में है कि जो व्यक्ति रमजान के आने की खुशी और जाने का गम करे उसके लिए जन्नत है। रमजान एक बेहतरीन माह है जिसमें अल्लाह की रहमते बढ़ जाती हैं। दुआएं कुबूल होती हैं। हमें शरीअत के मुताबिक जिंदगी गुजारनी चाहिए।
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मकतब इस्लामियात के शिक्षक हाफिज अशरफ रजा इस्माइली ने कहा कि हमें माह-ए-रमजान की कद्र करनी चाहिए। दिन में रोजा रखें, पांचों वक्त की नमाज पाबंदी से अदा करें, क्योंकि ईमान के बाद सबसे ज्यादा ताकीद कुरआन व हदीस में नमाज के बारे में आयी है। कल कयामत के दिन सबसे पहला सवाल नमाज ही के बारे में होगा। नमाजे तरावीह पढ़ें और अगर मौका मिल जाए तो चंद रकात नमाज रात के आखिरी हिस्से में भी अदा कर लें। रमजान का हर एक पल जिक्र-ए-इलाही में गुजारें। दरूदो-सलाम ज्यादा पढ़ें।
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