नदी ने निकाल कर मासूम बच्चियों का शव किनारे रखा गया
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कैंपियरगंज के अलगटपुर गांव में बुधवार को तीन बच्चियों की मौत के बाद कोहराम मच गया। घर पर रखे दोनों शव को जब पुलिस कब्जे में लेने आई तब परिजन बोले..इनके साथ चीर-फाड़ मत करना साहब! बड़ी प्यारी बच्चियां हैं। यह कहकर परिजन पोस्टमार्टम से इंकार कर रहे थे। किसी तरह पुलिस ने समझाया तब जाकर परिजन दिल पर पत्थर रखकर जिगर के टुकड़ों को पुलिस को सौंपे।
जानकारी के अनुसार, रामनगर केवटलिया गांव की रहने वाले टिब्बल साहनी की दो बेटियां शिवानी और प्राची कुछ दिन पहले अलगटपुर मामा के घर पहुंची थीं। मामा की लड़की अन्नू के साथ मिलकर तीनों दिन भर खेला करती थीं।
शिवानी और प्राची तो अन्नू को छोड़ना भी नहीं चाहती थीं। जिस दिन से दोनों बहनें मामा के घर गईं थीं, वे अपनी मां से बार-बार यही कहती थीं कि हम अब अन्नू के साथ ही रहेंगे। तीनों लोग एक साथ पढ़ेंगे। किसी ने यह नहीं सोचा था कि तीनों एक साथ दुनिया ही छोड़ देंगी। मायके वालों का कहना है कि बेटी बच्चों को घुमाने के लिए लेकर आई थी। अब यहां से बिना बच्चों के जब ससुराल जाएगी तो लोग क्या कहेंगे।
घटना के बाद से ही गांव में अधिकारियों का आना-जाना लगा हुआ है। स्थानीय नेता भी पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। वहीं, मौत की सूचना के बाद कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
नाले से तीनों बच्चियों का शव निकालने वाले ग्रामीणों का कहना है कि कुछ देर पहले बच्चियां बगल के बाग में खेल रहीं थी। कब नाले में पहुंच गई पता ही नहीं चला।
उधर, रामनगर केवटलिया गांव में टिब्बल के घर सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना प्रगट की। बताया जा रहा है कि अन्नू तीन बहन एक भाई हैं। शिवानी और प्राची की उनके अलावा दो बहनें और दो भाई हैं।