गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में द्वितीय शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह ने दीवानी न्यायालय परिसर स्थित नई मीटिंग हॉल में सुबह 10:30 बजे किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 12,08,888 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें पारिवारिक मामलों से संबंधित प्री-लिटिगेशन एवं लिटिगेशन स्तर पर 21 वाद शामिल रहे, जबकि विभिन्न बैंकों, फाइनेंस कंपनियों एवं भारत दूरसंचार निगम से जुड़े 1073 प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 5,01,36,834 रुपये की राशि नगद जमा कराई गई। यह जानकारी अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश सहित सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश की ओर से दो वादों का निस्तारण किया गया, जबकि वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने तीन वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 178 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 10,16,47,367 रुपये का प्रतिकर एवार्ड पारित किया गया। वहीं परिवार न्यायालय की ओर से 19 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में सुलह-समझौते के आधार पर अनेक आपराधिक मामलों का निस्तारण किया गया। कुल 1720 आपराधिक वादों का समाधान हुआ।
राजस्व एवं अन्य विभागों द्वारा भी सक्रिय भागीदारी करते हुए कुल 11,71,967 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/नोडल अधिकारी, उप जिलाधिकारीगण एवं अन्य राजस्व अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रकार कुल 12,39,592 नियत वादों में से 12,08,888 वादों का सफल निस्तारण कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया गया।