रेस्क्यू करने वाली टीम के एक सदस्य ने बताया कि हाथी को नियंत्रित करने के बाद भी शांत रखना बहुत मुश्किल था। रेस्क्यू के लिए देर रात करीब 12 बजे एक ट्रक लाया गया। उसपर हाथी को लादने के दौरान वो थोड़ा फिर हिंसक होकर उथल पुथल करने लगा, जिससे ट्रक का पिछला हिस्सा टूट गया। इसके बाद हाथी को दवा देकर दूसरे ट्रक का इंतजाम करवाया गया। सुबह साढ़े पांच बजे इसे लादने में सफलता मिली।
तीन डॉक्टरों की टीम कर रही है निगरानी
हाथी के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए तीन डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। आगरा, कानपुर चिड़ियाघर के डॉक्टर नियमित अंतराल पर विनोद वन जाकर हाथी का स्वास्थ्य और मानसिक परीक्षण करेंगे। जबकि, चिड़ियाघर के डॉक्टर योगेश परीक्षण के साथ उनका स्थानीय स्तर पर सहयोग करेंगे।