गोला। नगर पंचायत के गौशाला मोहल्ला में रहने वाले 65 वर्षीय इस्लाम और उनकी पत्नी फातिमा के लिए शनिवार की रात दुख और आक्रोश का दिन बन गया। उनके गोद लिए पुत्र महताब आलम उर्फ छोटू की हर्ष फायरिंग मौत हो गई। वृद्ध दंपती का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, इस्लाम और फातिमा की केवल दो बेटियां हैं। पत्नी पैर से दिव्यांग हैं। अपनी बड़ी बेटी आसिया खातून के तीन पुत्रों में से मझले पुत्र महताब को दंपती ने गोद लिया और उसे पुत्र मानकर पालन-पोषण किया। छोटू जब 18 वर्ष का हुआ तो माता-पिता की वृद्धावस्था देखकर परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उसने ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया। काम न मिलने पर वह रात में मोहल्ले के ही दिल्लू बैंड में डीजे ऑपरेटर का काम करने लगा।
घरवालों के अनुसार, सर्दियों में रोजगार की कमी के कारण छोटू मुंबई चला गया। तीन दिन पहले घर लौटकर वह दिन में ऑटो चला रहा था और रात को डीजे का काम करने निकला। मूलरूप से छोटू संतकबीरनगर जनपद के घनघटा थाना क्षेत्र के बकौलीकला गांव का रहने वाला था। उसके तीन भाई और एक बहन है। उसकी शादी नहीं हुई थी। पिता मो. शरीफ पेंट पालिश का काम करते हैं।