शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में रहने वाले पशु-पक्षियों के डाइट में परिवर्तन किया गया है। चिड़ियाघर में करीब 275 से अधिक वन्यजीव हैं। शाकाहारी भोजन करने वाले गैंडे को अन्य दिनों में मिलने वाले भोजन के साथ गन्ना, शकरकंद, बरसीम की मात्रा बढ़ाकर दी जा रही है।
सर्द मौसम में चिड़ियाघर के वन्यजीवों को बदली हुई खुराक दी जा रही है। जानवर भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं। हिमालयन भालू दिन में बैठकर गन्ना चूसता नजर आ रहा है तो बंदर शहद चाट रहे हैं।
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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में रहने वाले पशु-पक्षियों के डाइट में परिवर्तन किया गया है। चिड़ियाघर में करीब 275 से अधिक वन्यजीव हैं। शाकाहारी भोजन करने वाले गैंडे को अन्य दिनों में मिलने वाले भोजन के साथ गन्ना, शकरकंद, बरसीम की मात्रा बढ़ाकर दी जा रही है। इसके अलावा पक्षियों को भोजन के रूप में दिए जाने वाले दाने की मात्रा बढ़ाई गई है।
उनको पानी कम दिया जा रहा है जिससे सर्दी का असर उन पर न पड़े। हिरन व अन्य शाकाहारी जीव को भोजन के साथ गुड़ दिया जा रहा है। बाघ और शेर को प्रतिदिन 14 किग्रा मीट दिया जा रहा है। तेंदुआ व लकड़बग्घा का भोजन चार किग्रा से बढ़ाकर पांच किग्रा कर दिया गया है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर में रहने वाले वन्यजीवों का भोजन मौसम के अनुसार निर्धारित है। ठंड में शेर, तेंदुआ, सियर, लोमड़ी व लकड़बग्घा के भोजन की मात्रा बढ़ाई गई है। शाकाहारी जानवरों को भोजन के साथ गुड़ दिया जा रहा है। वहीं, भालू और बंदर को शहद और गन्ना दिया जा रहा है जिसको वे काफी पसंद कर रहे हैं।