प्रो. गोविंद पांडेय
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए पर्यावरणविद् प्रो. गोविंद पांडेय को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की सात सदस्यीय विद्वत परिषद (अकादमिक काउंसिल) का सदस्य नामित किया है।
परिषद हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत विकसित किए जाने वाले क्वॉलिफिकेशन पैक की समीक्षा, गुणवत्ता मानकों का निर्धारण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें प्रमाणित करने का कार्य करेगी। आईआईटी, रुड़की से पर्यावरण अभियांत्रिकी में पीएचडी करने वाले प्रो. गोविंद पांडेय ने एमएमएमयूटी में 38 वर्षों तक शिक्षण, शोध और परामर्श के क्षेत्र में सेवाएं दी हैं। आमी, राप्ती, घाघरा, गोमती और गंगा नदियों की जल गुणवत्ता, गोरखपुर की स्वच्छ वायु कार्ययोजना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वाहन प्रदूषण पर उनके शोध को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।