- मूर्ति कृत्रिम ताल में पड़ते ही आभूषण, पोशाक लूटने पहुंच जाते है लोग
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दुर्गा प्रतिमा की बेकद्री की तरह ही लक्ष्मी प्रतिमा का हाल भी हुआ। मंगलवार को विसर्जन के दौरान प्रतिमा के पोशाक और आभूषण की लूट, पैरों तले पूजन सामग्री और चढ़ावे की रकम के लिए मारपीट होती दिखी। जमकर नाचने के बाद पोखरे में प्रतिमाओं को गिराना और उसके बाद उन पर लगे कीमती सामान को लेकर मची नोच-खसोट की चर्चा श्रद्धालुओं में रही, लोगों का कहना था कि इतनी बेक्रदी नहीं होनी चाहिए, यह आस्था से खिलवाड़ है।
मंगलवार को इसी नोच खसोट के चक्कर में पीपीगंज में एक किशोर नदी में लापता हो गया है। घटना भले ही पीपीगंज में हुई है, लेकिन पूरे जिले में मूर्तियों के साथ लूट खसोट एक जैसी रही। शहर की प्रतिमाओं के विसर्जन लिए राजघाट पुल के पास के तीन पोखरे बनाए गए। मंगलवार की दोपहर में लोग प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे थे। पोखरों में प्रतिमाओं से कपड़े, गहने, लकड़ी सहित अन्य सामान निकालने की होड़ मची रही। इसी दौरान पिकअप पर प्रतिमा लेकर नाचते गाते युवक पहुंचे। एक विशेष पूजा समिति के पोशाक में आने वाले युवकों का पूजापाठ से ज्यादा जोर नाचने-गाने पर था। कुछ ही देर में आरती, पूजापाठ की औपचारिकता निपटाकर सभी नाचने-गाने में जुट गए। करीब आधे घंटे के बाद प्रतिमा को घाट पर ले गए। वहां बने प्लेटफार्म से सीधे पोखरे में गिरा दिया।