गोरखपुर। प्रदेश के पहले वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय का शिलान्यास दो नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। इसके लिए वन विभाग और जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र के भारीबैसी में करीब 50 हेक्टेयर (123.55 एकड़) भूमि पर बनने वाले इस विश्वविद्यालय पर 491 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसे दो साल में तैयार करने का लक्ष्य है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से गोरखपुर के शैक्षणिक परिदृश्य को नया विस्तार मिलेगा। यहां वानिकी एवं औद्यानिकी, वन्यजीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी जैसे विषयों की पढ़ाई होगी। विद्यार्थियों को बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय में आधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण के साथ कृषि एवं पर्यावरण संबंधी अनुसंधान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। निर्माण योजना में प्रशासनिक भवन, दो शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय और बहुउद्देशीय सभागार शामिल हैं। इसके अलावा 895 विद्यार्थियों की क्षमता वाला छात्रावास, 401 आवासीय यूनिट, किसान कल्याण केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र और अतिथि गृह भी बनाए जाएंगे।