-इस बार पहले से प्रहार के लिए बनी रणनीति, नगर निगम के साथ स्वच्छता और जागरूकता पर हो चुकी है चर्चा
- चुनाव बाद ऊंची बिल्डिंग वाली काॅलोनियों के संगठनों के साथ होगी बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में ऊंची इमारतों के निर्माण के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। वजह यह है कि इन इमारतों में वह सब कुछ मौजूद होता है, जो डेंगू के लार्वा के लिए मुफीद है। तीन साल से जिले में डेंगू के 200 से अधिक मरीज भी आ रहे हैं। इसे देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही डेंगू के मच्छरों पर कड़ा प्रहार करने की रणनीति बना ली है।
इस बार रोग फैलने से पहले ही नियंत्रण के उपायों के साथ ही व्यापक जन जागरूकता शुरू की जाएगी। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए उनकी वेलफेयर सोसाइटियों के साथ बैठक भी होगी। यह सभी जानते हैं कि डेंगू के मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं। कूलर में जमा पानी के अलावा एसी से टपकने वाले साफ पानी व फ्रिज के निचले हिस्से की नमी भी इनके लिए पर्याप्त होती है।
इसके अलावा छतों पर रखीं पानी की टंकियां व उनके आसपास पड़े खाली बर्तन, टायर आदि भी मच्छरों को पनपने का अवसर देते हैं। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू वाले मच्छरों पर नियंत्रण के लिए जो एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें सबसे अधिक फोकस वीआईपी कॉलोनियों और ऊंची इमारत वाली काॅलोनियों पर है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए नगर निगम के अफसरों के साथ बैठक कर ली है। अब जून के दूसरे सप्ताह में काॅलोनियों के सचिवों के साथ बैठक की जाएगी, जिसमें उन्हें डेंगू वाले मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूक किया जाएगा।
पिछले साल के नतीजे रहे हैं उत्साहजनक
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह बताते हैं कि पिछली बार जब शहर में डेंगू का आंकड़ा 100 पार करने लगा, तब रामगढ़ताल इलाके की एक वीआईपी काॅलोनी, कई अपार्टमेंट और मेडिकल कॉलेज रोड स्थित एक ऊंची इमारत वाली कॉलोनी पर फोकस किया गया। वहां सर्विलांस टीम भेजकर हर घर की जांच कराने के साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि इन काॅलोनियों में डेंगू के केस बहुत कम मिले। इसीलिए इस बार यह तय किया गया है कि शहर में जितनी भी ऊंची इमारत वाली काॅलोनियां हैं, वहां रहने वालों के जो संगठन हैं, उनके पदाधिकारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि बीमारी को फैलने का अवसर ही न मिले।
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नगर निगम के कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जून में नगर निगम के सफाई व्यवस्था से जुड़े अफसरों की बैठक स्वास्थ्य विभाग के साथ होगी। इसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन अफसरों को डेंगू पर नियंत्रण के उपायों की जानकारी देंगे। इसके बाद ये अफसर अपने सभी कर्मचारियों को जागरूक करेंगे। पूरी प्रक्रिया जून में ही कर ली जाएगी। जुलाई की बारिश के साथ डेंगू के मामले बढ़ने शुरू होते हैं। इससे पहले ही पूरे शहर की विधिवत जांच करा दी जाएगी, जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सके।