गोरखपुर रेलवे स्टेशन का लोड कम करने के लिए कुछ ट्रेनों को बढ़नी से चलाने की थी योजना
अभी केवल कैंट-नरकटियागंज पैसेंजर को ही बढ़नी से चलाया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बढ़नी में वाशिंग पिट शुरू होने के बाद गोरखपुर स्टेशन से चलने वाली कुछ ट्रेनों के वहां से चलाने की तैयारी थी, लेकिन अभी केवल एक पैसेंजर ट्रेन ही बढ़नी तक बढ़ाई गई है। गोरखपुर स्टेशन के प्लेटफाॅर्म नंबर आठ पर ब्लॉक दिए जाने के बाद कुछ ट्रेनों को जंगल नकहा या कैंट बढ़ाया गया है। झारखंड प्रांत के देवघर तक चलने वाली श्रावण मेला स्पेशल ट्रेन को भी गोरखपुर से ही चलाया जा रहा है, जबकि अगर इसे बढ़नी से चलाया जाता तो अधिक श्रद्धालुओं को फायदा मिलता।
गोरखपुर स्टेशन पर दो वाशिंग पिट हैं और दोनों ही ओवरलोड हैं। एक ट्रेन को पिट में जाने और मेंटेनेंस के बाद वापस आने में करीब छह घंटे का समय लगता है। देर से स्टेशन आने वाली ट्रेनों को अगर मेंटेनेंस की जरूरत है तो प्रतीक्षा करना पड़ता है। इसे देखते हुए बढ़नी में नया वाशिंग पिट बनवाया गया है। पिछले महीने इसके शुरू होने पर गोरखपुर से चलने वाली कुछ ट्रेनों को बढ़नी तक बढ़ाने की बात सामने आई थी।
कहा जा रहा था कि गोरखपुर स्टेशन पर 24 घंटे तक खड़ी रहने वाली ट्रेनों को अगर बढ़नी तक बढ़ाया जाएगा तो इसका लाभ गोरखपुर के उत्तरी हिस्से के अलावा महराजगंज और सिद्धार्थनगर जिले के लोगों को भी मिलेगा। लेकिन, अभी तक केवल गोरखपुर कैंट से नरकटियागंज तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को ही गोरखपुर से बढ़नी तक विस्तार दिया गया है।
लोगों को उम्मीद थी कि सावन में देवघर के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेन बढ़नी से चलेगी तो नेपाल बार्डर तक के श्रद्धालुओं को बाबा बैजनाथ धाम आने जाने में सुविधा होगी, लेकिन यह ट्रेन गोरखपुर से ही चलेगी। इसलिए अब सिद्धार्थनगर और नेपाल देश के श्रद्धालुओं को गोरखपुर आकर श्रावणी मेला स्पेशल से यात्रा करनी होगी।