दिल्ली में पकड़े गए आतंकी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। उसने नेपाल के सीमावर्ती भारतीय जिलों के लगभग 500 युवाओं को खाड़ी देश में नौकरी के लिए भेज चुका है। बताया जा रहा है कि इसमें सिद्धार्थनगर जिले के 20 गांवों के लगभग 70 युवकों को कतर, बहरीन और सऊदी अरब भेजा है। अब जांच एजेंसियों की नजर इन युवाओं के साथ परिवालवालो पर हैं।
यूपी एटीएस सूत्रों के अनुसार नेपाल के सीमावर्ती सात भारतीय जिलों बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और लखीमपुर खीरी में मुस्तकीम की अच्छी पैठ रही है। इन जिलों की मजलिस में शामिल होकर वह भड़काऊ भाषण देकर युवाओं को उकसाने का काम करता था। अब ये जिले भी एटीएस व खुफिया तंत्र की रडार पर हैं।
बता दें कि आतंकी मुस्तकीम बलरामपुर के थाना उतरौला के ग्राम बढय़ा भैंसाही का निवासी है। 2017 में वह सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के अल्पसंख्यक बाहुल्य बेतनार गांव के तकरीर में शामिल हुआ था। फिर यहां आना-जाना बना रहा। यह गांव वर्ष 2018 में सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर चर्चा में रहा था।
यहां के कई युवकों पर गैंगस्टर समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। कई की तलाश मुंबई पुलिस को भी है। सीओ डुमरियागंज उमेश शर्मा ने कहा कि मुख्यालय से मिले इनपुट के आधार पर आतंकी का जिले से कनेक्शन खोजा जा रहा है। संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
जांच में पता चला है कि मुस्तकीम छह माह पूर्व नेपाल के कृष्णानगर स्थित एक मस्जिद में दो रात ठहरा था। यहां उसने तकरीर भी दी थी और रिश्तेदार के घर भी गया था। यह मस्जिद नोमेंस लैंड से सटी है। बता दें कि मुंबई बम कांड के बाद भी यह मस्जिद चर्चा में आई थी।