कैंपियरगंज। नौगढ़ से गोरखपुर जा रही ट्रेन में बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:30 बजे 14 वर्षीय किशोरी अकेली और डरी-सहमी मिली। कैंपियरगंज बार एसोसिएशन की अधिवक्ता मनीषा चौधरी की नजर उस पर पड़ी। बातचीत में किशोरी अपने घर का पता और किसी परिजन का मोबाइल नंबर नहीं बता सकी। किशोरी ने पहले बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। चाचा के बुलाने पर गुजरात जा रही है। बाद में उसने बताया कि वह खुद घर से निकली है। उसके माता-पिता घर पर हैं। बातचीत के दौरान बच्ची रोने लगी। अधिवक्ता ने कैंपियरगंज स्टेशन पर बच्ची को उतारकर जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी कर्मी उसे आनंदनगर स्टेशन ले गए। पूछताछ के बाद किशोरी के परिजन को बुलाया और उनके सुपुर्द कर दिया गया। किशोरी की मां घर पर रहती हैं जबकि पिता बाहर नौकरी करते हैं। अधिवक्ता ने आनंदनगर पहुंचकर किशोरी के बारे में जानकारी ली। आनंदनगर जीआरपी प्रभारी राम समुझ सरोज ने मदद के लिए अधिवक्ता का आभार जताया।