गोरखपुर। मानसून आने को है, इससे पहले शहर में ऐसे 10 से अधिक स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां भारी जलभराव होने की आशंका है। इसे लेकर नगर आयुक्त ने जिम्मेदारों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने भविष्य के आने वाले इस संकट से पहले ही निजात पाने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं।
बता दें कि अधिकारी शहर के विभिन्न इलाकों में जलनिकासी में आ रही बाधाओं, नालों की स्थिति, पेयजल पाइपलाइन और निर्माण कार्यों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी अधिकारी नियमित रूप से नगर आयुक्त को उपलब्ध करा रहे हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर नगर आयुक्त आवश्यक कार्रवाई कराकर समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे। जानकारी में सामने आया है कि शहर के 10 से अधिक स्थानों पर तकनीकी और संरचनात्मक कमियों के कारण जलनिकासी प्रभावित हो रही है। धर्मशाला ओवरब्रिज के पास सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में सम्पवेल का पानी सीधे चैंबर में गिरने से नाले पर दबाव बढ़ रहा है और पानी की निकासी बाधित हो रही है। वहीं तरंग ओवरब्रिज से गोरखनाथ ओवरब्रिज तक करीब 300 मीटर हिस्से में चैंबर नहीं होने से नाले की समुचित सफाई नहीं हो पा रही है। इलाहीबाग से पुलिस लाइंस तक नाले के मार्ग में हाइडिल के नीचे बना डक्ट भी जलप्रवाह में रुकावट पैदा कर रहा है। इसके अलावा विश्वविद्यालय चौक, गणेश चौराहा, आरटीओ तिराहा, जुबली स्कूल, डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन और सूर्यकुंड क्षेत्र में ट्रांसफार्मर, बिजली के केबल, अधूरे नाले और अन्य अवरोध जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय चौक पर सार्वजनिक शौचालय के सामने मिट्टी पाटकर इंटरलॉकिंग किए जाने से करीब 15 फीट नाला छात्रसंघ चौराहा की ओर जाने वाले नाले से नहीं जुड़ पा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह कनेक्शन बहाल होने पर रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन क्षेत्र का काफी पानी छात्रसंघ चौराहा की ओर प्रवाहित हो सकेगा, जिससे धर्मशाला क्षेत्र में जलभराव की समस्या कम होगी।
आरटीओ तिराहा और जुबली इंटर कॉलेज के पास पुस्तकालय के सामने पुलिया के भीतर से गुजर रहे बिजली के केबलों में कचरा फंसने से भी नाले का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। वहीं डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन के पास रामलखन प्रधान के खेत से होकर गुजरने वाले नाले का पानी संकरे ह्यूम पाइप से निकलता है, इससे बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित होने की आशंका बनी रहती है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने, ट्रांसफाॅर्मरों के स्थानांतरण, क्षतिग्रस्त नाला दीवारों के पुनर्निर्माण और तकनीकी सुधार के बाद ही बड़े नालों की प्रभावी सफाई और जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि जलभराव से निजात के लिए जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।