फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा सील होने से इस क्षेत्र में हो रहा है करोड़ों का घाटा, रोजी रोटी का भी संकट गहराया

Mon, 22 Jun 2020 08:27 AM IST
vivek shukla संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
विज्ञापन
Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

नेपाल में लॉकडाउन और सीमा सील होने के कारण करीब दस हजार से अधिक होटल से जुड़े होटल कारोबारी परेशान हैं। पचास प्रतिशत कारोबारियों ने तो छह माह के लिए होटल बंद कर कर्मचारियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है।

विज्ञापन


2020 पर्यटन वर्ष मनाने की होड़ में होटल खुले, लेकिन कारोबारियों की पूंजी अब फंस गई है। उन्हें चिंता सता रही है कि आगे का कारोबार कैसे चलेगा। वर्तमान में तो सभी लोगों कोरोना के असर का सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

अकेले काठमांडू में दो दर्जन से अधिक अंतरराष्ट्रीय मानक होटल हैं। कंपनी रजिस्ट्रार के कार्यालय के अनुसार, नेपाल में कंपनी रजिस्ट्रार के कार्यालय में 10,700 होटल और रेस्तरां पंजीकृत हैं। इन दिनों सभी बंद पड़ें हैं। यहां करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। नेपाल पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग चिंतित हैं, कि आगे का कारोबार कैसे होगा।
विज्ञापन


होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल हान के पूर्व उपाध्यक्ष विनायक शाह ने बताया कि नेपाल में करीब 10,700 से छोटे और बड़े होटल, गेस्ट हाउस, लॉज पंजिकृत हैं। उन्होंने बताया कि राजमार्गों पर खोले गए होटलों की संख्या विभाग में पंजीकृत नहीं है। जब तक पर्यटन उपग्रह खाता प्रचलन में नहीं आता है, तब तक नेपाल में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की संख्या, होटलों की संख्या में वृद्धि, पर्यटकों की संख्या आदि की सटीक जानकारी नहीं हो सकती है।

विज्ञापन

करीब पांच हजार से ज्यादा पर्यटक आते थे

टूर एंड ट्रैवेल्स एसोसिएशन रूपनदेही के अध्यक्ष श्रीचन्द्र गुप्ता ने बताया कि रूपनदेही जिले में 210 होटल एंड लाज के साथ 100 से अधिक रेस्टोरेंट हैं। जिसमें थ्री स्टार व फाइल स्टार होटल भी शामिल है। भैरहवा, पोखरा और काठमांडू का होटल पूरी तरह भारतीय पर्यटको पर निर्भर हैं। जबकि लुम्बिनी विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहता था।

होटल व्यवसायी प्रशांत शर्मा ने बताया कि होटल का कारोबार ठप है। नेपाल का पर्यटन विदेशी पर्यटकों के पर निर्भर था। जो भारत से ही आते थे। हाल के दिनों में होटल व्यवसाय से जुड़े हजारो लोग बेरोजगार हो गए हैं। लॉकडाउन के पूर्व प्रतिमाह तीन लाख का कारोबार हो जाता था। लेकिन अभी कुछ भी नहीं है।

होटल व्यवसायी रमेश जोशी ने बताया कि रूपनदेही नवलपरासी और लुम्बिनी जिले में करीब एक हजार होटल रेस्टोरेंट और बार हैं। सभी बंद हैं। इससे जुड़े करीब पचास हजार लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या हो गई है। समस्या के समाधान के लिए सरकार को निर्णय लेना चाहिए। भारत के साथ हम लोगों का पुराना रिश्ता है। मतभेद नहीं होना चाहिए।

नेपाल बेलहिया आब्रजन अधिकारी गिरिराज ने बताया कि सामान्य दिनों में श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, रूस,भूटान, अमेरिका, चीन सहित दो दर्जन देशों के करीब 500 विदेशी पर्यटक और करीब भारत के गोरखपुर, लखनऊ, आगरा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, समेत कई प्रदेशो के पांच हजार भारतीय पर्यटक प्रतिदिन सोनौली सीमा से नेपाल आते थे। वर्ममान में लॉकडाउन के बाद आवागमन बंद है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें