ट्रेन के टिकट पर 10 अंकों का एक पीएनआर नंबर होता है। दरअसल, पीएनआर का फूल फार्म होता है पैसेंजर नेम रिकॉर्ड। इस 10 अंकों के नंबर में आपकी पूरी जानकारियां छुपी होती हैं। ट्रेन के आगमन और प्रस्थान की जानकारी के अलावा इस पीएनआर नंबर से बुकिंग स्टेटस जाना जा सकता है। आइए जानते हैं कि इन नंबरों का क्या मतलब होता है।
1. 10 अंक के पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) एक यूनिक नंबर होता है जिसमें यात्री की सारी जानकारी छुपी होती है।
2. पीएनआर के तीन अंक बताते हैं कि किस पीआरएस (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम द्वारा डेवलप किया गया) से टिकट बुक हुई है। तीन अंक से यह पता चलता है कि पैसेंजर का रिजर्वेशन किस जोन से हुआ है।
3. ट्रेन और जोन के हिसाब से पहला अंक अलॉट होता है।
4. पीएनआर के अगले सात अंक में पैसेंजर से जुड़ी तमाम जानकारियां छुपी होती है। इसमें ट्रेन नंबर, यात्रा की तिथि, दूरी के साथ ही यात्रा करने वाले वयस्क व बच्चों की जानकारी होती है।
5. किस श्रेणी में आप सफर करेंगे? आपका प्रारंभिक व आखिरी स्टेशन कौन-सा होगा? किस स्टेशन से आपने रिजर्वेशन करवाया है? यह डिटेल भी मेंशन होती है।
6. कंफर्म स्टेटस भी इससे पता चलता है। वेटिंग लिस्ट, अमाउंट, तिथि व टिकट लेने का समय भी फीड होता है।
7. ट्रांजेक्शन डिटेल (ट्रांजेक्शन आईडी, पेमेंट मोड, टिकट चार्ज) की जानकारी होती है।
8. कोई भी पैसेंजर रेलवे की वेबसाइट
www.indianrail.gov.in के जरिए अपना पीएनआर स्टेटस चेक कर सकता है। सभी प्रमुख स्टेशन पर पीएनआर चेकिंग काउंटर भी उपलब्ध होते हैं।
9. निजी व सिक्योरिटी के चलते पीएनआर की जानकारी आम नहीं की जाती। आईआरसीटीसी पीएनआर स्टेटस को अपडेट करता है।
10. पीएनआर यूनिक रिकॉर्ड के प्वाइंट होते हैं। रेलवे के सेंट्रेल डेटाबेस में पूरा डेटा स्टोर होता है। यहीं पर यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां होती हैं।
पीएनआर नंबर कैसे चेक करें?
पीएनआर नंबर चेक करना काफी आसान है। आपको इसके लिए ऊपर दिए गए सर्च बार में अपना पीएनआर नंबर टाइप करना होता है। इसके बाद यहां पर आपके टिकट का पीएनआर स्टेटस दिखाई देने लगेगा। हालांकि आपके टिकट के ऊपर बाईं तरफ आपका पीएनआर नंबर लिखा होता है, लेकिन अगर आपने ई-टिकट के जरिए रिजर्वेशन किया है तो पीएनआर नंबर ऊपर से थोड़ा नीचे लिखा होता है।