ई-स्कूटी लेकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले किशोरों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही परिवहन विभाग उनका भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगा। डीएल हासिल कर किशोर बेरोक-टोक ई-स्कूटी लेकर स्कूल-कॉलेज जा सकेंगे।
कुछ वर्ष पहले तक 16 से 18 वर्ष तक के किशोरों के भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते रहे हैं। इस लाइसेंस पर 50 सीसी तक के मोपेड चलाने की मंजूरी थी। 50 सीसी के मोपेड बंद होने के बाद परिवहन विभाग ने 16 से 18 वर्ष तक के किशारों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बंद कर दिया। परिवहन मंत्री की पहल के बाद अब किशोरों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि इस मामले में अभी आदेश नहीं आया है।
परिवहन मंत्री ने कहा था कि बाजार में कई कंपनियों की बिना गियर वाली ई-स्कूटी आ गई हैं। ऐसे में इन गाड़ियों को काफी संख्या में स्कूली बच्चे चला रहे हैं, लेकिन समस्या यही है कि उनके पास किसी तरह का कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। ऐसे में अब बिना गियर इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाने वाले किशारों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
आरआई सीमा गौतम ने बताया कि जिनके पास 50 सीसी से कम के बिना गियर वाले वाहन हैं उन किशोरों के लाइसेंस बनाए जाएंगे।