चौराखास थाना क्षेत्र के भठही दरियाव टोला गांव में शुक्रवार सुबह सर्पदंश की शिकार हुई एक किशोरी की समय पर उपचार न मिलने से मौत हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने ले गए।
करीब तीन घंटे बाद हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज कुशीनगर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिजन शव को बिहार के थावे मंदिर के पास झाड़-फूंक कराने ले गए। वहां से लौटने के बाद शव का जल में प्रवाह कर दिया।
भठही दरियाव टोला निवासी जयकिशन शर्मा की 17 वर्षीय पुत्री रेखा शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन मकान में रखा टूथब्रश लेने गई थी। इसी दौरान उसके पैर में जहरीले सर्प ने डंस लिया। घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय ग्रामीणों की सलाह पर झाड़-फूंक कराने निकल पड़े।
काफी देर तक झाड़-फूंक कराने के बावजूद जब किशोरी की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे मेडिकल कॉलेज, कुशीनगर लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घर लौटते समय किसी ने बिहार के थावे मंदिर के पास झाड़-फूंक से इलाज होने की बात बताई, जिस पर परिजन शव को वहीं ले गए।
वहां से लौटने के बाद शव को घर लाया गया, जहां परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। बाद में शव का जल में प्रवाह कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रेखा पढ़ाई में मेधावी थी। उसके पिता जयकिशन शर्मा बाहर रहकर नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।