गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित 12वें फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम ''''गुरु दक्षता'''' का बुधवार को ऑनलाइन शुभांरम्भ हुआ। 15 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले चार सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के 13राज्यों के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 143 शिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों, अनुसंधान और शैक्षणिक नेतृत्व के प्रति शिक्षकों को दक्ष बनाना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, उत्कृष्ट अनुसंधान और उच्च स्तरीय शोध प्रकाशनों पर विशेष बल देते हुए ''''वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन'''' जैसी राष्ट्रीय पहल का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षकों को स्वयं को निरंतर अद्यतन करना होगा।
सारस्वत अतिथि एवं पूर्व कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी ने कहा कि अध्ययन, अध्यापन, मनन और चिंतन ही एक शिक्षक को श्रेष्ठ बनाते हैं। एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह शिक्षकों के व्यक्तित्व, शिक्षण कौशल, अनुसंधान क्षमता और शैक्षणिक नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।