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Gorakhpur News: शिक्षकों की मौत के बाद सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन

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शव रख प्रदर्शन करते परिजन।
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हरपुर बुदहट। थाना क्षेत्र के पचौरी गांव निवासी प्रधानाचार्य रामपाल चौधरी (55) एवं शिक्षक सुबोध गौतम (42) की जैतपुर-नंदापार मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत के बाद लोगों में आक्रोश है। सोमवार की रात पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों के शव गांव लाए गए तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। मंगलवार तड़के ग्रामीणों ने कटसहरा-सोनबरसा मार्ग स्थित पचौरी चौराहे पर दोनों शव रखकर चारों ओर बांस-बल्ली लगाकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपी ईंट-भट्ठा मालिक के चालक की गिरफ्तारी और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे।
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सूचना पर थानाध्यक्ष हरपुर-बुदहट विवेक मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। भीड़ बढ़ने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहजनवां, गीडा, खजनी एवं बेलीपार थानों की पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। वहीं खजनी तहसील के एसडीएम राजेश प्रताप प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों एवं ग्रामीणों से वार्ता की।



प्रशासन की ओर से परिजनों की मांग के अनुरूप 50 लाख रुपये मुआवजा और मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग का ज्ञापन लेने के बाद सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक चला प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद परिजन शवों को सरयू नदी स्थित बिरहल घाट ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
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जानकारी के अनुसार, पचौरी गांव निवासी रामपाल चौधरी एवं सुबोध गौतम क्षेत्र के नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज, समुदा में क्रमशः प्रधानाचार्य एवं शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को जैतपुर के नंदापार चौराहे पर हुए सड़क हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। प्रधानाचार्य रामपाल चौधरी की पत्नी सुनीता देवी एवं शिक्षक सुबोध गौतम की पत्नी अनिता गौतम ने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।



छह घंटे तक जाम, दुकानें रहीं बंद, स्कूल नहीं पहुंच सके बच्चे



पचौरी चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम के कारण कटसहरा-सोनबरसा मार्ग पर करीब छह घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शन के समर्थन में पचौरी चौराहे के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। जाम के कारण आसपास के छह गांवों के स्कूली बच्चे बस छूटने से विद्यालय नहीं जा सके, वहीं रोजमर्रा के कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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