उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हर्रैया ब्लॉक क्षेत्र के निपनियां निवासी राममगन प्रधानाध्यापक पद से 31 मार्च-2016 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे कप्तानगंज ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरहटा में तैनात थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह घर नहीं बैठे, बल्कि विद्यार्थियों की जिंदगी संवारने का बीड़ा उठाया और प्राथमिक विद्यालय निपनियां में बिना शुल्क लिए पढ़ाने लगे।
राममगन बताते हैं कि बच्चों को पढ़ाते हुए करीब 39 साल हो गए हैं। इनसे इतना लगाव है कि बिना उनके रहना मुश्किल हो जाता है। बच्चों के बीच रहने से हर दिन नए पन का अहसास होता है। जिंदगी का आधे से अधिक समय शिक्षण व्यवस्था में लगे रहने से पढ़ाने की आदत सी हो गई है। इसके बिना बची उम्र काटनी मुश्किल है।
उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे विद्यालय जाते हैं, छुट्टी के बाद ही घर आते हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बच्चे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। इससे मन मायूस हो जाता है, लेकिन ऑनलाइन माध्यमों से उन्हें पढ़ा रहा हूं। राममगन पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी कराते हैं। उन्हें फूलों से खास लगाव है।
वह विद्यालय परिसर में कई तरह के फूल लगा रहे हैं। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अखिलेश कुमार सिंह व जगदीश प्रसाद बताते हैं कि गुरुजी बेहद सरल स्वाभाव के हैं। बच्चे इन्हें बहुत प्यार करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद बिना कोई अतिरिक्त शुल्क लिए वे बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।